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सीएचसी में घुसकर तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:05 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिसिया में दवा नहीं मिलने से गुस्साए युवक ने अपने दर्जन भर साथियों के साथ गुरुवार दोपहर जमकर उत्पात मचाया। चिकित्सक कक्ष, स्टाफ रूम, वार्ड आदि में तोड़फोड़ करने के साथ दवाएं, फर्नीचर आदि फेंक दिया। प्रसव कक्ष का दरवाजा तोड़ डाला।
यह देख कर्मचारी भाग खड़े हुए। युवकों आधे-पौन घंटे तक हंगामा किया। इस घटना से गुस्साए कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया है। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। तीन नामजद व 12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
कस्बे के बाहर स्थित रिसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार सुबह डॉ. मोहसिन मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। उसी दौरान बड़गांवा निवासी फिलहाल पुत्र इसरार खुजली के उपचार लिए पहुंचा। डॉक्टर ने परीक्षण उसे दवा और मरहम लिखा। दवा लेने काउंटर पर पहुंचा तो फार्मासिस्ट ने मरहम उपलब्ध नहीं होने की बात कही।
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इस पर युवक भड़क उठा। उसने फार्मेसिस्ट की मेज पलट दी और अभिलेख फाड़ डाले। धमकी देते हुए वहां निकला युवक आधे घंटे बाद दर्जनभर साथियों के साथ लाठी-डंडा लेकर आ धमका। यह देख फार्मेसिस्ट संतोष भागा तो वह प्रसव कक्ष में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।
इस पर हमलावरों ने दरवाजा तोड़ दिया। प्रसव कक्ष में उस समय शंकरपुर निवासी रूमियां को एएनएम पूर्णिमा, सुनीता, गायत्री आदि प्रसव कराने ले गई थीं। हंगामा देख सभी चीखने चिल्लाने लगीं। इसके बाद युवकों ने वार्ड, स्टाफ रूम, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सक कक्ष में भी तोड़फोड़ की।
करीब पौन घंटे तक हमलावरों ने हंगामा किया। इससे डॉक्टर, कर्मचारी व भर्ती रोगियों में भगदड़ मच गई। युवकों के जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। तत्काल थाने पर सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू की है।
फार्मासिस्ट संतोष ने फिलहाल पुत्र इसरार, जैनुल पुत्र रियाज और नौशाद पुत्र अबरार को नामजद करने के साथ 12 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के मुताबिक पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच की जा रही है। एफआईआर दर्ज की जाएगी। पहचान में आए तीन युवकों की तलाश की जा रही है।
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यह देख कर्मचारी भाग खड़े हुए। युवकों आधे-पौन घंटे तक हंगामा किया। इस घटना से गुस्साए कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया है। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। तीन नामजद व 12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
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कस्बे के बाहर स्थित रिसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार सुबह डॉ. मोहसिन मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। उसी दौरान बड़गांवा निवासी फिलहाल पुत्र इसरार खुजली के उपचार लिए पहुंचा। डॉक्टर ने परीक्षण उसे दवा और मरहम लिखा। दवा लेने काउंटर पर पहुंचा तो फार्मासिस्ट ने मरहम उपलब्ध नहीं होने की बात कही।
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इस पर युवक भड़क उठा। उसने फार्मेसिस्ट की मेज पलट दी और अभिलेख फाड़ डाले। धमकी देते हुए वहां निकला युवक आधे घंटे बाद दर्जनभर साथियों के साथ लाठी-डंडा लेकर आ धमका। यह देख फार्मेसिस्ट संतोष भागा तो वह प्रसव कक्ष में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।
इस पर हमलावरों ने दरवाजा तोड़ दिया। प्रसव कक्ष में उस समय शंकरपुर निवासी रूमियां को एएनएम पूर्णिमा, सुनीता, गायत्री आदि प्रसव कराने ले गई थीं। हंगामा देख सभी चीखने चिल्लाने लगीं। इसके बाद युवकों ने वार्ड, स्टाफ रूम, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सक कक्ष में भी तोड़फोड़ की।
करीब पौन घंटे तक हमलावरों ने हंगामा किया। इससे डॉक्टर, कर्मचारी व भर्ती रोगियों में भगदड़ मच गई। युवकों के जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। तत्काल थाने पर सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू की है।
फार्मासिस्ट संतोष ने फिलहाल पुत्र इसरार, जैनुल पुत्र रियाज और नौशाद पुत्र अबरार को नामजद करने के साथ 12 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के मुताबिक पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच की जा रही है। एफआईआर दर्ज की जाएगी। पहचान में आए तीन युवकों की तलाश की जा रही है।