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प्रतिबंध के बाद भी गेरुआ नदी से निकाले पत्थर
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 11 Oct 2015 10:20 PM IST
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पर्यावरण वन मंत्रालय ने कतर्नियाघाट सेंक्चुरी से होकर बहने वाली गेरुआ नदी से पत्थर निकालने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद बीते कई दिनों से चोरी छिपे पत्थर की निकासी हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर रविवार शाम को पत्थर लदी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। चालकों के मुताबिक पत्थरों की यह खेप कतर्नियाघाट वन कार्यालय ले जायी जा रही थी। अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
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कतर्नियाघाट रेंज से होकर नेपाल की गेरुआ नदी बहती है। नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली इस नदी में बड़े पैमाने पर पानी के बहाव के साथ पत्थर भी आते हैं। नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन व अन्य दुर्लभ जलीय जीवों का भी प्रवास है। जिसके कारण पर्यावरण वन मंत्रालय ने दशक भर पूर्व नदी से पत्थर निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन इधर कुछ दिनों से चोरी छिपे पत्थर की निकासी हो रही है।
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इसकी सूचना क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी को दी। सुजौली के उप निरीक्षक एके राय की अगुवाई में टीम ने गेरुआ नदी के कोठियाघाट से बिछिया वन बैरियर पर घेराबंदी की। इस दौरान रविवार शाम को तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कतर्नियाघाट की ओर जाती दिखीं। एसआई राय का कहना है कि ट्रैक्टर चालकों से पूछताछ की गई तो उन सभी ने पत्थरों को कतर्नियाघाट वन कार्यालय ले जाने की बात कही है। लेकिन वन अधिकारी इस मामले में कुछ नहीं बोल रहे हैं। जिसके कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
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