{"_id":"597b6ebd4f1c1be6218b4673","slug":"71501261501-bahraich-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा की कटान में दो मकान और 70 बीघा खेत समाहित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घाघरा की कटान में दो मकान और 70 बीघा खेत समाहित
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजीचौराहा/कैसरगंज। घाघरा नदी का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर है फिर भी अभी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। महसी और कैसरगंज क्षेत्र में नदी की लहरों ने कटान करते हुए दो ग्रामीणों के मकान को लील लिया। वहीं 70 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी की भेंट चढ़ी है।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर बह रही है। हालांकि 24 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि जलस्तर स्थिर है लेकिन कटान जारी है। इसके चलते महसी के गोलागंज निवासी राजू व कैसरगंज के कुम्हारपुरवा निवासी लल्लू के मकान को नदी की लहरों ने लील लिया। वहीं घरों के साथ खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हो रही है। रात से अब तक 70 बीघा खेत नदी की भेंट चढ़ा है। महसी के उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें बसाने के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर बह रही है। हालांकि 24 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि जलस्तर स्थिर है लेकिन कटान जारी है। इसके चलते महसी के गोलागंज निवासी राजू व कैसरगंज के कुम्हारपुरवा निवासी लल्लू के मकान को नदी की लहरों ने लील लिया। वहीं घरों के साथ खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हो रही है। रात से अब तक 70 बीघा खेत नदी की भेंट चढ़ा है। महसी के उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें बसाने के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन