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नेपाल में बंधक 41 बाल मजदूर मुक्त कराए
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:12 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। नेपाल में होटलों व दुकानों पर काम कर रहे 41 बाल मजदूरों को चाइल्ड लाइन ने नेपाल के श्रम विभाग के सहयोग से मुक्त कराया है। इन बच्चों में पांच बहराइच के और एक बिहार का निवासी है, जबकि शेष बच्चे नेपाल के ही हैं।
गुरुवार को बहराइच के बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने के बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर उनके परिवारीजनों को सौंप दिया जाएगा। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चों के परिवारीजनों को ढूंढने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नेपालगंज में बहराइच के कई बच्चों के बंधक बने होने की खबर आ रही थी। इसके मद्देनजर बुधवार को चाइल्ड लाइन बहराइच के निदेशक डॉ. जितेंद्र चतुर्वेेदी ने नेपाल सरकार के श्रम विभाग के अधिकारी भोजीराज उपाध्याय, महिला एवं बाल बालिका कार्यालय बांके की सूचना अधिकारी बिंदु कुंवर व माइती नेपाल के अधिकारी केशव कोइराला के साथ छापेमारी अभियान चलाया।
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इस अभियान से कुल 41 बच्चों को मुक्त कराया गया है। इनमें बहराइच के पांच, एक बिहार का और 35 बच्चे नेपाल के क्षेत्रों के हैं। इन बच्चों के मुताबिक 15 से 18 घंटे लगातार काम लिया जा रहा था।
छोटी-छोटी गलतियों पर शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी जाती थीं। बच्चों के शरीर पर जलने व घायल होने के निशान भी मिले हैं। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि चाइल्ड लाइन टीम बच्चों के माता-पिता को ढूंढने में जुट गई है।
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गुरुवार को बहराइच के बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने के बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर उनके परिवारीजनों को सौंप दिया जाएगा। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चों के परिवारीजनों को ढूंढने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नेपालगंज में बहराइच के कई बच्चों के बंधक बने होने की खबर आ रही थी। इसके मद्देनजर बुधवार को चाइल्ड लाइन बहराइच के निदेशक डॉ. जितेंद्र चतुर्वेेदी ने नेपाल सरकार के श्रम विभाग के अधिकारी भोजीराज उपाध्याय, महिला एवं बाल बालिका कार्यालय बांके की सूचना अधिकारी बिंदु कुंवर व माइती नेपाल के अधिकारी केशव कोइराला के साथ छापेमारी अभियान चलाया।
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इस अभियान से कुल 41 बच्चों को मुक्त कराया गया है। इनमें बहराइच के पांच, एक बिहार का और 35 बच्चे नेपाल के क्षेत्रों के हैं। इन बच्चों के मुताबिक 15 से 18 घंटे लगातार काम लिया जा रहा था।
छोटी-छोटी गलतियों पर शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी जाती थीं। बच्चों के शरीर पर जलने व घायल होने के निशान भी मिले हैं। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि चाइल्ड लाइन टीम बच्चों के माता-पिता को ढूंढने में जुट गई है।