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सड़क हादसों में दो साल में दम तोड़ चुके 251 लोग
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:47 PM IST
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बहराइच। जिले में ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए यातायात पुलिस दशकों पुराने नियतन पर चल रहा है। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के बाद भी सिपाहियों की कमी से जूझते ट्रैफिक पुलिस को बढ़ाने पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसी का नतीजा है कि जिले में दिन प्रतिदिन हादसे बढ़ते जा रहे हैं। बीते साल से अभी तक हुए 411 हादसों में 251 लोगों की मौत हो चुकी है। तो वहीं 243 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
बहराइच जनपद का पुलिस महकमा मजबूत होता जा रहा है। लगातार सिपाहियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं जिले की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जनपद में एक टीएसआई, दो हेड कांस्टेबल और 10 सिपाहियों के सापेक्ष महज आठ सिपाही ही तैनात हैं। जिसमें दो सिपाहियों पर कार्यालय की जिम्मेदारी होती है। वहीं छह सिपाही क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 से अभी तक 411 हादसे हो चुके हैं। इसमें 226 घातक हादसे हुए। जिसमें 251 लोगों की मौत हो गई। तो वहीं 185 साधारण हादसे हुए। जिसमें 243 लोग घायल हुए। इन हादसों से सबक लेने के बावजूद लोग सड़कों पर बिना हेलमेट के बाइक पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। कार सवारों को भी ट्रैफिक नियमों की कोई चिंता नहीं होती। नो इंट्री में वाहनों को प्रवेश दिए जाने से आए दिन लोग जाम की समस्या से जूझते दिखाई पड़ते हैं।
सिपाही की हो चुकी मौत
कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव की अगुवाई में गई टीम दबिश देकर वापस लौटते समय रिसिया के अलियाबुलबुल के निकट डीसीएम की ठोकर से गहरे खड्ड में चली गई। जिससे घायल सिपाही जितेंद्र यादव की लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
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जाम से मिले निजात, पुलिस रहे सख्त
शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था के बारे में किशन पांडेय ने कहा कि नो इंट्री में वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। इससे जाम की स्थिति अधिक पैदा होती है। वहीं शहर निवासी सादाब जफर ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए।
हम भी रहे कर्तव्यों के प्रति जागरूक
केंद्रीय होली समिति के अध्यक्ष दीपक सोनी दाऊजी ने कहा कि सिर्फ प्रशासन पर पूरी जिम्मेदारी डालकर हम किनारा नहीं कस सकते हैं। हमें कर्तव्यों को समझते हुए ट्रैफिक नियमों के अनुरुप सड़कों पर वाहन चलाने की जरुरत है। पूर्व छात्रनेता सोनू रस्तोगी ने कहा कि सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। अभिभावकों को अपने नाबालिक बच्चों को कतई वाहन नहीं देने चाहिए।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की चल रही पहल
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस विभाग काम कर रहा है। बीते दिनों जिले के व्यापारियों व पत्रकारों के साथ इस मुद्दे पर एक बैठक की गई है। जिसमें कई सुझाव आए हैं। इन सुझावों के साथ ही व्यापारी वर्ग ने सहयोग का आश्वासन भी दिया है। जल्द ही जिले की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव नजर आएगा। -सुनील सक्सेना, पुलिस अधीक्षक, बहराइच
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बहराइच जनपद का पुलिस महकमा मजबूत होता जा रहा है। लगातार सिपाहियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं जिले की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जनपद में एक टीएसआई, दो हेड कांस्टेबल और 10 सिपाहियों के सापेक्ष महज आठ सिपाही ही तैनात हैं। जिसमें दो सिपाहियों पर कार्यालय की जिम्मेदारी होती है। वहीं छह सिपाही क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 से अभी तक 411 हादसे हो चुके हैं। इसमें 226 घातक हादसे हुए। जिसमें 251 लोगों की मौत हो गई। तो वहीं 185 साधारण हादसे हुए। जिसमें 243 लोग घायल हुए। इन हादसों से सबक लेने के बावजूद लोग सड़कों पर बिना हेलमेट के बाइक पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। कार सवारों को भी ट्रैफिक नियमों की कोई चिंता नहीं होती। नो इंट्री में वाहनों को प्रवेश दिए जाने से आए दिन लोग जाम की समस्या से जूझते दिखाई पड़ते हैं।
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सिपाही की हो चुकी मौत
कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव की अगुवाई में गई टीम दबिश देकर वापस लौटते समय रिसिया के अलियाबुलबुल के निकट डीसीएम की ठोकर से गहरे खड्ड में चली गई। जिससे घायल सिपाही जितेंद्र यादव की लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
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जाम से मिले निजात, पुलिस रहे सख्त
शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था के बारे में किशन पांडेय ने कहा कि नो इंट्री में वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। इससे जाम की स्थिति अधिक पैदा होती है। वहीं शहर निवासी सादाब जफर ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए।
हम भी रहे कर्तव्यों के प्रति जागरूक
केंद्रीय होली समिति के अध्यक्ष दीपक सोनी दाऊजी ने कहा कि सिर्फ प्रशासन पर पूरी जिम्मेदारी डालकर हम किनारा नहीं कस सकते हैं। हमें कर्तव्यों को समझते हुए ट्रैफिक नियमों के अनुरुप सड़कों पर वाहन चलाने की जरुरत है। पूर्व छात्रनेता सोनू रस्तोगी ने कहा कि सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। अभिभावकों को अपने नाबालिक बच्चों को कतई वाहन नहीं देने चाहिए।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की चल रही पहल
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस विभाग काम कर रहा है। बीते दिनों जिले के व्यापारियों व पत्रकारों के साथ इस मुद्दे पर एक बैठक की गई है। जिसमें कई सुझाव आए हैं। इन सुझावों के साथ ही व्यापारी वर्ग ने सहयोग का आश्वासन भी दिया है। जल्द ही जिले की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव नजर आएगा। -सुनील सक्सेना, पुलिस अधीक्षक, बहराइच