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अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5760 शीशी शराब बरामद
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:48 PM IST
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बहराइच। गोंडा-बहराइच की सीमा पर स्थित विशेश्वरगंज के मड़ईपुरवा गांव में दो दशक से अवैध शराब फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। इसकी भनक लगने पर गुरुवार को आबकारी विभाग ने पुलिस महकमे के सहयोग से छापेमारी की तो अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। मौके से सप्लाई के लिए तैयार 5760 शीशी अवैध शराब के साथ ही भारी मात्रा में स्प्रिट, विभिन्न ब्रांडों के 1.42 लाख ढक्कन, होलोग्राम, स्टीकर और कंपनियों की मुहरें बरामद हुई हैं। अवैध तरीके से संचालित फैक्ट्री में उन्नाव डिस्टलरी के अंग्रेजी शराब के दो ब्रांड व देशी शराब के तीन ब्रांडों की पैकिंग होती थी। मौके से बरामद शराब और उपकरणों को सीज कर दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि फैक्ट्री का संचालक अपने सहयोगी के साथ चंपत हो गया है।
तराई के बहराइच में किस तरह अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। इसका खुलासा गुरुवार को आबकारी विभाग के छापेमारी में हुआ। बहराइच-गोंडा की सीमा पर विशेश्वरगंज क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिली। जिस पर गुरुवार दोपहर में आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया ने आबकारी निरीक्षक वाणी विनायक मिश्रा, अरविंद, पीपी टंडन, दिनेंद्र सिंह के साथ पुलिस लाइन की फोर्स और महिला थाने की महिला पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। घेराबंदी करने पर गांव के बाहर छप्पर से निर्मित फर्म हाउस में अवैध शराब की फैक्ट्री देखकर सभी के होश फाख्ता हो गए। यहां पर भारी मात्रा में शराब बनती मिली। मौके से तैयार देशी शराब की 120 पेटी बरामद हुई। इन पेटियों से सरकारी देशी शराब की दुकानों पर सप्लाई होने वाली ब्रांड बंटी, बबली और लैला की 5760 शीशी शराब बरामद हुई। जबकि मौके पर 3500 लीटर स्प्रिट, 1.42 लाख विभिन्न ब्रांडों के ढक्कन, 8200 देशी शराब की खाली शीशी, 1.46 लाख स्टीकर तथा उन्नाव डिस्टलरी में तैयार होने वाली मैकडावल व रायल स्टेग ब्रांड की शराबों के स्टीकर और अंग्रेजी शराब के होलोग्राम, विभिन्न कंपनियों की मुहर, फर्जी अभिलेख बरामद हुए। साथ ही शराब की सप्लाई में प्रयुक्त होने वाली बोलेरो जीप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर के साथ ही 500 से अधिक गैलन और उपकरण टीम के हाथ लगे। बरामद अवैध शराब, उपकरण और अन्य वस्तुओं को मौके पर ही सीज कर आबकारी विभाग ने कब्जे में ले लिया। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि मौके से संजय सिंह और अनीस को पकड़ा गया है। जबकि अवैध फैक्ट्री का संचालक कैलाश बहादुर तथा पप्पू यादव मौके से फरार हो गए। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फरार संचालक और उसके सहयोगी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
प्रतिदिन का था डेढ़ करोड़ का टर्नओवर
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों से पता चला है कि बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां शराब की सप्लाई की जाती थी। प्रतिदिन का टर्नओवर डेढ़ करोड़ के आसपास का है। जिसके चलते इसी राजस्व का घाटा महकमे को लग रहा था।
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दशक भर में हो चुकी हैं 22 मौतें
अवैध शराब के चलते दशक भर में 22 मौतों का मामला सामने आया है। हालांकि आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है, लेकिन इसका रिकॉर्ड नहीं है। गौरतलब हो कि कैसरगंज क्षेत्र में आधे दशक पूर्व जहरीली शराब के सेवन से नौ लोगों की मौत हुई थी। जबकि छह लोगों के आंख की रोशनी चली गई थी। इसके अलावा मिहींपुरवा विकास खंड के परवानीगौढ़ी, ऐंचुआ, नैनिहा, चहलवा क्षेत्रों में अवैध शराब के चलते अब तक 13 मौतें हो चुकी हैं। इनमें मां-बेटी की मौत भी शामिल है।
पहले भी पकड़ी गई है फैक्ट्री
16 जुलाई 2014 को शहर के टिकोरामोड़ स्थित देशी शराब की दुकान पर छापेमारी कर 315 शीशी नकली देशी शराब, तीन हजार शराब की शीशी के ढक्कन, 776 होलोग्राम बरामद हुए थे। इसी दौरान रिसिया क्षेत्र में भी छापेमारी में बड़े पैमाने पर नकली शराब मिली थी।
22 अप्रैल 2015 को हुजूरपुर के कंदौरा गांव में पंचायत भवन में शराब का कारोबार होता मिला था। 292 खाली शीशी, 884 ढक्कन, 3500 रैपर, 600 होलोग्राम व नकली अभिलेख मिले थे।
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तराई के बहराइच में किस तरह अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। इसका खुलासा गुरुवार को आबकारी विभाग के छापेमारी में हुआ। बहराइच-गोंडा की सीमा पर विशेश्वरगंज क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिली। जिस पर गुरुवार दोपहर में आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया ने आबकारी निरीक्षक वाणी विनायक मिश्रा, अरविंद, पीपी टंडन, दिनेंद्र सिंह के साथ पुलिस लाइन की फोर्स और महिला थाने की महिला पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। घेराबंदी करने पर गांव के बाहर छप्पर से निर्मित फर्म हाउस में अवैध शराब की फैक्ट्री देखकर सभी के होश फाख्ता हो गए। यहां पर भारी मात्रा में शराब बनती मिली। मौके से तैयार देशी शराब की 120 पेटी बरामद हुई। इन पेटियों से सरकारी देशी शराब की दुकानों पर सप्लाई होने वाली ब्रांड बंटी, बबली और लैला की 5760 शीशी शराब बरामद हुई। जबकि मौके पर 3500 लीटर स्प्रिट, 1.42 लाख विभिन्न ब्रांडों के ढक्कन, 8200 देशी शराब की खाली शीशी, 1.46 लाख स्टीकर तथा उन्नाव डिस्टलरी में तैयार होने वाली मैकडावल व रायल स्टेग ब्रांड की शराबों के स्टीकर और अंग्रेजी शराब के होलोग्राम, विभिन्न कंपनियों की मुहर, फर्जी अभिलेख बरामद हुए। साथ ही शराब की सप्लाई में प्रयुक्त होने वाली बोलेरो जीप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर के साथ ही 500 से अधिक गैलन और उपकरण टीम के हाथ लगे। बरामद अवैध शराब, उपकरण और अन्य वस्तुओं को मौके पर ही सीज कर आबकारी विभाग ने कब्जे में ले लिया। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि मौके से संजय सिंह और अनीस को पकड़ा गया है। जबकि अवैध फैक्ट्री का संचालक कैलाश बहादुर तथा पप्पू यादव मौके से फरार हो गए। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फरार संचालक और उसके सहयोगी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
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प्रतिदिन का था डेढ़ करोड़ का टर्नओवर
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों से पता चला है कि बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां शराब की सप्लाई की जाती थी। प्रतिदिन का टर्नओवर डेढ़ करोड़ के आसपास का है। जिसके चलते इसी राजस्व का घाटा महकमे को लग रहा था।
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दशक भर में हो चुकी हैं 22 मौतें
अवैध शराब के चलते दशक भर में 22 मौतों का मामला सामने आया है। हालांकि आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है, लेकिन इसका रिकॉर्ड नहीं है। गौरतलब हो कि कैसरगंज क्षेत्र में आधे दशक पूर्व जहरीली शराब के सेवन से नौ लोगों की मौत हुई थी। जबकि छह लोगों के आंख की रोशनी चली गई थी। इसके अलावा मिहींपुरवा विकास खंड के परवानीगौढ़ी, ऐंचुआ, नैनिहा, चहलवा क्षेत्रों में अवैध शराब के चलते अब तक 13 मौतें हो चुकी हैं। इनमें मां-बेटी की मौत भी शामिल है।
पहले भी पकड़ी गई है फैक्ट्री
16 जुलाई 2014 को शहर के टिकोरामोड़ स्थित देशी शराब की दुकान पर छापेमारी कर 315 शीशी नकली देशी शराब, तीन हजार शराब की शीशी के ढक्कन, 776 होलोग्राम बरामद हुए थे। इसी दौरान रिसिया क्षेत्र में भी छापेमारी में बड़े पैमाने पर नकली शराब मिली थी।
22 अप्रैल 2015 को हुजूरपुर के कंदौरा गांव में पंचायत भवन में शराब का कारोबार होता मिला था। 292 खाली शीशी, 884 ढक्कन, 3500 रैपर, 600 होलोग्राम व नकली अभिलेख मिले थे।