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नेपाल सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने वन वाचर को पीटा, भर्ती
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बिछिया (बहराइच)। निशानगाड़ा रेंज में तैनात वाचर भारतीय क्षेत्र में नेपालियों के लकड़ी बीनने का विरोध करने लगा। इससे नाराज नेपाल सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने वाचर की पिटाई कर दी। वन वाचर ने रेंज कार्यालय आकर सूचना दी। उसे पीएचसी से सीएचसी रेफर कर दिया गया। वनाधिकारियों ने सूचना एसएसबी के साथ नेपाल सशस्त्र बल को दिया। नेपाल सशस्त्र बल के जवानों ने विभागीय कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज में वाचर श्यामलाल की तैनाती है। प्रतिदिन की तरह मंगलवार शाम को वाचर भारतीय जंगल में गश्त कर रहा था। शाम को नेपाल के नागरिक जंगल में घुसकर लकड़ी बीन रहे थे। इसका वाचर श्यामलाल ने विरोध किया। इसकी सूचना नेपालियों ने नेपाल सशस्त्र बल के जवानों को दिया।
नेपाल सशस्त्र बल के जवान ने वाचर की लाठियों से पिटाई कर दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वाचर ने भारत-नेपाल सीमा स्थित पिलर संख्या 76 पहुंचकर जान बचाई। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर सिंह, वन दरोगा मनोज पाठक ने घायल वाचर को पीएचसी आंबा पहुंचाया।
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यहां हालत गंभीर होने पर सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद वनाधिकारियों ने एसएसबी कैंप 76वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर व नेपाली सशस्त्र सीमा बल के इंस्पेक्टर को बुलाकर घटना से अवगत कराया। घटना को गंभीरता से लेते हुए नेपाल सशस्त्र सीमा बल के इंस्पेक्टर ने नेपाली जवान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज में वाचर श्यामलाल की तैनाती है। प्रतिदिन की तरह मंगलवार शाम को वाचर भारतीय जंगल में गश्त कर रहा था। शाम को नेपाल के नागरिक जंगल में घुसकर लकड़ी बीन रहे थे। इसका वाचर श्यामलाल ने विरोध किया। इसकी सूचना नेपालियों ने नेपाल सशस्त्र बल के जवानों को दिया।
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नेपाल सशस्त्र बल के जवान ने वाचर की लाठियों से पिटाई कर दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वाचर ने भारत-नेपाल सीमा स्थित पिलर संख्या 76 पहुंचकर जान बचाई। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर सिंह, वन दरोगा मनोज पाठक ने घायल वाचर को पीएचसी आंबा पहुंचाया।
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यहां हालत गंभीर होने पर सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद वनाधिकारियों ने एसएसबी कैंप 76वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर व नेपाली सशस्त्र सीमा बल के इंस्पेक्टर को बुलाकर घटना से अवगत कराया। घटना को गंभीरता से लेते हुए नेपाल सशस्त्र सीमा बल के इंस्पेक्टर ने नेपाली जवान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है।