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ऐतिहासिक धरोहर पर विवादों का साया
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:17 PM IST
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रेहुआ स्टेट की संपत्ति रेहुआ हाता का किला इन दिनों विवादों में है। रेहुआ स्टेट की उत्तराधिकारी देविना सिंह कांग्रेस की सक्रिय नेता भी हैं। लेकिन कांग्रेस से ही सांसद रहे कमांडो कमल किशोर रेहुआ स्टेट की इस ऐतिहासिक संपत्ति पर हक जता रहे हैं। यह विवादित कोठी किलानुमा है।
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इसी महल में अंग्रेजों से बचने के लिए बेगम हजरत महल ने अपने बेटे के साथ शरण लेकर स्वतंत्रता आंदोलन का ताना बाना बुना था। राजा रेहुआ का साम्राज्य 1500 गांवों में फैला था। आजादी से पहले के प्रमुख राजघरानों में एक है बहराइच की रेहुआ स्टेट। आजादी के आंदोलन में रेहुआ स्टेट के राजा रघुनाथ सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका था।
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बहराइच के उत्तर में सोनवा के निकट से घाघरा के कछार तक रेहुआ स्टेट 1500 गांवों में फैला था। बहराइच शहर के बीचोबीच रेहुआ हाउस इसी राजघराने की संपत्ति है। 1857 की क्रांति में अंग्रेजों से नवाबों की सेना 16 नवंबर 1857 को पराजित हुई थी। अंग्रेजों से बचने के लिए बेगम हजरत महल लखनऊ से बौंडी पहुंचीं।
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बौंडी के किले में कुछ दिन गुजारने के बाद बेगम हजरत महल ने अपने बेटे बिरजिश कद्र के साथ रेहुआ हाता किला में शरण ली थी। राजघराने की उत्तराधिकारी देविना सिंह बताती हैं कि बेगम हजरत महल ने इसी किले में स्वतंत्रता आंदोलन की तीन बैठकों को संबोधित किया था।
बाद में गुप्त रास्ते से उन्हें नेपाल भेज दिया गया था। इतिहास के कई राज समेटे इस किले को आजादी के बाद रहुआ स्टेट ने अपने निजी प्रयोग में ले लिया। राजपाट लोकतंत्र का हिस्सा बनने के बाद राजघरानों ने राजनीति में भाग्य आजमाना शुरू किया। राजकुमारी देविना की नानी राजमाता बसंत कुमारी कैसरगंज से लोकसभा का चुनाव जीती थीं।
उन्ही के नक्शेकदम पर चलते हुए देविना भी कांग्रेस में शामिल हुईं। 2007 में राजकुमारी देविना ने कांग्रेस के टिकट पर महसी विधानसभा क्षेत्र से भाग्य आजमाया लेकिन कामयाब नहीं हुईं। देविना का कहना है कि वर्ष 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार कमलकिशोर बहराइच संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीते।
वह मूल निवासी गोरखपुर के थे। ऐसे में बहराइच आने पर उनके पास ठिकाना नहीं था। मानवतावश उनको बहराइच आने पर ठहरने के लिए रेहुआ हाउस दे दिया। वही मानवीयता अब नासूर बन गई है। नीयत मेें खोट होने के चलते पूर्व सांसद रेहुआ स्टेट की पुश्तैनी संपत्ति पर हक जता रहे हैं।
25 हेक्टेयर में स्थित है रेहुआ हाता किला का भवन
राजकुमारी देविना सिंह ने बताया कि रेहुआ हाता किला भवन पांच भागों में बंटा है। सामने के हिस्से में अब दुकान और मकान निर्मित हैं। जबकि एक हिस्से में होमगार्ड ऑफिस का संचालन होता था। दूसरे हिस्से में चकबंदी कार्यालय स्थापित है। कुछ हिस्सा बिक चुका है।
राजा विजय बहादुर ने करवाया था निर्माण
देविना ने बताया कि उनके परदादा राजा विजय बहादुर ने रेहुआ हाता किले का निर्माण 17वीं ईस्वी के आसपास करवाया था। इस भवन में 100 से अधिक कमरे, दालान, आंगन कुंआ व अन्य सुविधाएं थीं। निर्माण लाखौरी ईटों से किया गया था।
रेहुआ राज परिवार की स्थिति
रेहुआ राज परिवार में वर्तमान समय में राजमाता किरन सिंह व राजकुमारी देविना सिंह अपने बेटे कामाक्ष राज सिंह के साथ रहती हैं। देविना ने बताया कि उनकी मंझली बहन राजकुमारी शिवानी सिंह का विवाह जयपुर और छोटी बहन देवयानी का विवाह रामगढ़ झारखंड में हुआ है। दोनों अपनी ससुराल में ही रहती हैं। पिता राजा विजय प्रताप सिंह का निधन हो चुका है।
कहीं नहीं है विवाद की स्थिति
राजकुमारी देविना सिंह का कहना है कि उनकी पुश्तैनी संपत्ति सभी जगह पर उनके कब्जे में है। रेहुआ हाता को छोड़ कर कहीं भी विवाद की स्थिति नहीं है। यहां भी पूर्व संासद की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। राजकुमारी का कहना है कि उन्होंने मारपीट और लूटपाट नहीं की। अपने आवास पर पहुंची थी।
चालक और सर्वेंट के अपहरण-हत्या का आरोप निकला झूठा
पूर्व सांसद कमलकिशोर की पत्नी पूनम किशोर की तहरीर पर राजकुमारी देविना सिंह पर लूट के साथ चालक सोनू और सर्वेंट छोटू को अगवा कर हत्या करने का आरोप भी लगाया गया था। पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा ने खुद इसकी जांच की। रात में दोनों के घर पर पुलिस ने दबिश दी तो सोनू और छोटू घर पर मिले। दोनों युवकों ने कोतवाली पुलिस को लिखकर भी दिया है कि उन्हें अगवा नहीं किया गया।
साल भर में ही खरीद ली थी 55 लाख की कोठी
राजकुमारी देविना का कहना है कि 2009 में सांसद बनने के साल भर बाद ही कमल किशोर ने बहराइच शहर में त्रिमुहानी रोड पर 55 लाख कीमत की कोठी खरीद ली थी। इसके कुछ दिन बाद ही उसे बेंच भी दिया था।
आपसी सहमति से भवन दिया था फिर क्यों की लूट
पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर का कहना है कि संपत्ति खरीदना और बेंचना उनका व्यक्तिगत मामला है। नीयत में खोट नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राजकुमारी देविना सिंह ने कार्यालय और आवास के लिए रेहुआ हाउस दिया था। पूर्व सांसद का कहना है कि वह किरायेदार नहीं थे लेकिन राजकुमारी भवन के एवज में काफी धन ले चुकी हैं।
इसका हिसाब करके बताऊंगा। धन देने के चलते ही वह उसे खरीदना चाह रहे थे। रजिस्ट्री भी कराने की तैयारी थी। बातचीत भी हुई थी, इसके बाद अचानक राजकुमारी ने अपने सहयोगियों के साथ मेरी गैर मौजूदगी में रेहुआ हाउस पहुंचकर मारपीट करते हुए रिवाल्वर, जेवर और अन्य सामान की लूटपाट की।