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Bahraich News: खांसी, जुकाम व सांस संबंधी रोगों की चपेट में आ रहे बच्चे
Fri, 21 Nov 2025 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 21 Nov 2025 01:26 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक। -संवाद
बहराइच। तराई क्षेत्र में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। तेज धूप और रात में बढ़ती ठंड के कारण बच्चे खांसी, जुकाम व सांस संबंधी रोगों की चपेट में आ रहे हैं। हालात ये है कि मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में रोजाना 200 से 250 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इनमें सबसे अधिक मरीज सांस संबंधी दिक्कतों वाले रहे, जिनमें सांस फूलना, तेज खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं आम है। बृहस्पतिवार को भी बाल रोग विभाग की ओपीडी में 200 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीड़ बढ़ने से अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ को भी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस एमएमएम त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव के कारण बच्चों में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस की दिक्कत बढ़ी है।
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उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को सुबह-शाम ठंड से बचाएं, गरम पानी पिलाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। उन्होंने बताया कि विभाग में दवाओं और उपचार की पूरी व्यवस्था है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल न करें।
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डॉक्टरों के अनुसार इनमें सबसे अधिक मरीज सांस संबंधी दिक्कतों वाले रहे, जिनमें सांस फूलना, तेज खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं आम है। बृहस्पतिवार को भी बाल रोग विभाग की ओपीडी में 200 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया।
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डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीड़ बढ़ने से अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ को भी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस एमएमएम त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव के कारण बच्चों में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस की दिक्कत बढ़ी है।
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उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को सुबह-शाम ठंड से बचाएं, गरम पानी पिलाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। उन्होंने बताया कि विभाग में दवाओं और उपचार की पूरी व्यवस्था है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल न करें।