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इलाज के दौरान बच्चे की मौत, जिला अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2016 10:34 PM IST
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में रविवार देर रात इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता ने गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाया। बच्चे की मौत की सूचना परिवारीजनों व परिचितों ने हंगामा शुरु कर दिया। सूचना पर सीएमएस अस्पताल पहुंचे और विलख रहे परिवारीजनों को जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। हंमागे के चलते रात डेढ़ बजे तक अफरातफरी की स्थिति रही।
हरदी क्षेत्र में गंगापुरवा गांव निवासी रामप्यारे के छह माह के पुत्र अमित की बीते सप्ताह तबियत खराब हो गई थी। बुखार व उल्टी-दस्त के साथ निमोनिया की शिकायत थी। परिवारीजनों ने मासूम को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जहां इलाज चल रहा था। रविवार शाम छह बजे इंजेक्शन लगाए जाने के बाद से बच्चे ने रोना शुरू कर दिया।
पिता रामप्यारे का कहना है कि उसने वार्ड में मौजूद नर्स और डॉक्टर को बच्चे के रोने की बात बताई। उन्होंने कहा कि अभी शांत हो जाएगा। उसके बाद बच्चे की तबियत बिगड़ती गई और उसका रोना बंद नहीं हुआ। देर रात रामप्यारे ने पुन: वार्ड में मौजूद चिकित्सक को बच्चे की हालत से अवगत कराया।
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इस पर डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाने को कहा। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। माता-पिता बिलख उठे। वहां मौजूद लोग भी भड़क गए। डॉक्टर और कर्मी भी दौड़कर पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस पर नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय वार्ड में पहुंचे और स्थिति जानी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर बिलखते हुए माता-पिता बच्चे का शव लेकर घर चले गए।
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हरदी क्षेत्र में गंगापुरवा गांव निवासी रामप्यारे के छह माह के पुत्र अमित की बीते सप्ताह तबियत खराब हो गई थी। बुखार व उल्टी-दस्त के साथ निमोनिया की शिकायत थी। परिवारीजनों ने मासूम को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जहां इलाज चल रहा था। रविवार शाम छह बजे इंजेक्शन लगाए जाने के बाद से बच्चे ने रोना शुरू कर दिया।
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पिता रामप्यारे का कहना है कि उसने वार्ड में मौजूद नर्स और डॉक्टर को बच्चे के रोने की बात बताई। उन्होंने कहा कि अभी शांत हो जाएगा। उसके बाद बच्चे की तबियत बिगड़ती गई और उसका रोना बंद नहीं हुआ। देर रात रामप्यारे ने पुन: वार्ड में मौजूद चिकित्सक को बच्चे की हालत से अवगत कराया।
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इस पर डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाने को कहा। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। माता-पिता बिलख उठे। वहां मौजूद लोग भी भड़क गए। डॉक्टर और कर्मी भी दौड़कर पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस पर नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय वार्ड में पहुंचे और स्थिति जानी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर बिलखते हुए माता-पिता बच्चे का शव लेकर घर चले गए।