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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे मांगी सुख समृद्धि
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:03 PM IST
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मेला जैसा माहौल
- फोटो : अमर उजाला
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डाला छठ के अवसर पर रविवार शाम तालाब और नदी तट पहुंच महिलाओं ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को नमन करते हुए अर्घ्य दिया। पुत्रों के दीर्घायु होने के साथ ही परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना के कारण पूजा स्थलों पर मेले जैसा माहौल रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर, कस्बों व ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह भगवान सूर्य की पूजा की गई।
डाला छठ को सूर्य षष्ठी का पर्व भी कहा जाता है। पर्व के तीसरे दिन रविवार की शाम ढलते ही शहर, गांव और कस्बों में पूजित तालाब, नदियों व नहर तट पर महिलाएं पूजा की थाल सजाकर पहुंच गईं। महिलाआें ने ओम भाष्करायनम: का जप करते हुए भगवान सूर्य को नमन किया और घुटने पर पानी में खड़े होकर जल का तर्पण किया।
इसके बाद बांस के सूप में रखे फल, सब्जी और गन्ने का अर्पण कर भगवान सूर्य से अक्षय सुहाग के साथ पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। सुख समृद्धि का भी वरदान मांगा। शहर के छोटी बेरिया समय माता मंदिर स्थित तालाब व झिंगहाघाट स्थित सरयू तट पर भगवान सूर्य की आराधना के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ती रही।
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रुपईडीहा में हनुमंत सरोवर व नेपालगंज में बागेश्वरी मंदिर के सामने स्थित सरोवर में महिलाओं ने परंपरागत तरीके से भगवान सूर्य की आराधना करते हुए मन्नत मांगी। उर्रा में सोतिया नाला के तट पर अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना की गई।
नानपारा में कालीकुंडा सरोवर व मिहींपुरवा में गोपिया गांव के निकट सरयू नदी के तट, जरवलरोड में घाघरा नदी तट व रेलवे स्टेशन के निकट पूजित तालाब, रिसिया में विश्रामघाट स्थित सरयू तट पर महिलाओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परंपरा का निर्वहन किया। इस मौके पर हर जगह मेले सा माहौल रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे।
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डाला छठ को सूर्य षष्ठी का पर्व भी कहा जाता है। पर्व के तीसरे दिन रविवार की शाम ढलते ही शहर, गांव और कस्बों में पूजित तालाब, नदियों व नहर तट पर महिलाएं पूजा की थाल सजाकर पहुंच गईं। महिलाआें ने ओम भाष्करायनम: का जप करते हुए भगवान सूर्य को नमन किया और घुटने पर पानी में खड़े होकर जल का तर्पण किया।
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इसके बाद बांस के सूप में रखे फल, सब्जी और गन्ने का अर्पण कर भगवान सूर्य से अक्षय सुहाग के साथ पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। सुख समृद्धि का भी वरदान मांगा। शहर के छोटी बेरिया समय माता मंदिर स्थित तालाब व झिंगहाघाट स्थित सरयू तट पर भगवान सूर्य की आराधना के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ती रही।
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रुपईडीहा में हनुमंत सरोवर व नेपालगंज में बागेश्वरी मंदिर के सामने स्थित सरोवर में महिलाओं ने परंपरागत तरीके से भगवान सूर्य की आराधना करते हुए मन्नत मांगी। उर्रा में सोतिया नाला के तट पर अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना की गई।
नानपारा में कालीकुंडा सरोवर व मिहींपुरवा में गोपिया गांव के निकट सरयू नदी के तट, जरवलरोड में घाघरा नदी तट व रेलवे स्टेशन के निकट पूजित तालाब, रिसिया में विश्रामघाट स्थित सरयू तट पर महिलाओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परंपरा का निर्वहन किया। इस मौके पर हर जगह मेले सा माहौल रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे।