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केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी
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बहराइच/फखरपुर। सपा की किसान जनजागरण यात्रा बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर सपाइयों ने स्थानीय लोगों को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संदेश की जानकारी देते हुए केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पूर्व कैबिनेट मंत्री यासर शाह व जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान की ओर से निकाली जा रही किसान जनजागरण यात्रा बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को छात्रसभा के निवर्तमान अध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव की अगुवाई में सपाइयों ने बंजारीमोड़ से पद यात्रा की शुरूआत की।
इस दौरान पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गोड़ियनपुरवा, बघैया, मीरगंज, पूर्वीयन पुरवा आदि गांवों में भ्रमण कर पर्चा बांटकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लोगों को सुनाया। भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पूंजीपति साथियों को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि कानून को पास कराया।
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इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। कृषि कानून के खिलाफ देश का किसान भीषण ठंड में सड़कों पर आंदोलित है। सरकार अपनी हठधर्मिता के आगे किसानों की बात मानने को तैयार नहीं है। सरकार की ओर से देश के किसानों पर किया जा रहा कुठाराघात सपा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। अगर कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता, तो सपा के सिपाही उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।
यात्रा के दौरान नगर उपाध्यक्ष दिनेश यादव, रहमान खान, रमजान अली, जितेंद्र, तसव्वर खान, इरशाद बाबा, मौजीराम यादव, दिलीप यादव, अखिलेश यादव आदि मौजूद रहे। कैसरगंज के पूर्व विधायक रामतेज यादव की अगुवाई में सपा कार्यकर्ताओं की ओर से निकाली गई किसान जनजागरण रैली बुधवार को फखरपुर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंची। इस मौके पर पूर्व विधायक ने कहा कि सपा हमेशा से किसानों के हक की बात करती आई है।
किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का आह्वान किया, तो प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर आवाज को दबाने का काम किया। सरकार गलतफहमी में न रहें अगर पार्टी के नेता को नजरबंद करेंगे तो सपा के सिपाही भी पीछे नहीं रहेंगे। कार्यक्रम के बाद सपाइयों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसानों का उत्पीड़न बंद करने, गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपये करने, गन्ना किसानों को पुराना बकाया भुगतान कराने, कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर लड्डन नेता, फरीद अंसारी, अवधेश वर्मा, मनीष यादव, कलामुद्दीन, नानमून खां, प्रदीप पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, गोपाल शुक्ला, जीतू सिंह, शुभम गौड़ आदि मौजूद रहे।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पूर्व कैबिनेट मंत्री यासर शाह व जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान की ओर से निकाली जा रही किसान जनजागरण यात्रा बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को छात्रसभा के निवर्तमान अध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव की अगुवाई में सपाइयों ने बंजारीमोड़ से पद यात्रा की शुरूआत की।
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इस दौरान पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गोड़ियनपुरवा, बघैया, मीरगंज, पूर्वीयन पुरवा आदि गांवों में भ्रमण कर पर्चा बांटकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लोगों को सुनाया। भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पूंजीपति साथियों को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि कानून को पास कराया।
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इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। कृषि कानून के खिलाफ देश का किसान भीषण ठंड में सड़कों पर आंदोलित है। सरकार अपनी हठधर्मिता के आगे किसानों की बात मानने को तैयार नहीं है। सरकार की ओर से देश के किसानों पर किया जा रहा कुठाराघात सपा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। अगर कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता, तो सपा के सिपाही उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।
यात्रा के दौरान नगर उपाध्यक्ष दिनेश यादव, रहमान खान, रमजान अली, जितेंद्र, तसव्वर खान, इरशाद बाबा, मौजीराम यादव, दिलीप यादव, अखिलेश यादव आदि मौजूद रहे। कैसरगंज के पूर्व विधायक रामतेज यादव की अगुवाई में सपा कार्यकर्ताओं की ओर से निकाली गई किसान जनजागरण रैली बुधवार को फखरपुर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंची। इस मौके पर पूर्व विधायक ने कहा कि सपा हमेशा से किसानों के हक की बात करती आई है।
किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का आह्वान किया, तो प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर आवाज को दबाने का काम किया। सरकार गलतफहमी में न रहें अगर पार्टी के नेता को नजरबंद करेंगे तो सपा के सिपाही भी पीछे नहीं रहेंगे। कार्यक्रम के बाद सपाइयों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसानों का उत्पीड़न बंद करने, गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपये करने, गन्ना किसानों को पुराना बकाया भुगतान कराने, कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर लड्डन नेता, फरीद अंसारी, अवधेश वर्मा, मनीष यादव, कलामुद्दीन, नानमून खां, प्रदीप पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, गोपाल शुक्ला, जीतू सिंह, शुभम गौड़ आदि मौजूद रहे।