{"_id":"165f517a866c2f20abdeab6666f1f637","slug":"careslessness-of-cmo-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीकाकरण में बहराइच फिसड्डी, सीएमओ को फटकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीकाकरण में बहराइच फिसड्डी, सीएमओ को फटकार
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 13 Jan 2016 10:04 PM IST
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बहराइच। टीकाकरण और जननी सुरक्षा योजना के संचालन में बहराइच पूरे प्रदेश में फिसड्डी है। शासन ने इसके लिए सीएमओ को जिम्मेदार ठहराया है। य
ह मामला तीन दिन पूर्व पूर्वांचल व अवध प्रांत की फैजाबाद में हुई समीक्षा बैठक में उभरकर सामने आया। इस पर मिशन निदेशक ने सीएमओ को लताड़ लगाई और सीएचसी, पीएचसी की जांच के लिए एक प्रादेशिक टीम बहराइच भेज दी है।
बुधवार को टीम ने जिला महिला व पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया। सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान कई खामियां उजागर हुई हैं। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जनरल मैनेजर डॉ. एसबी सिंह व डॉ अश्विनी टीम के साथ सोमवार को बहराइच पहुंचे। डॉ. सिंह ने जरवल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद का निरीक्षण किया।
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यहां उन्होंने प्रसव कक्ष, ऑपरेशन कक्ष, इमरजेंसी व वार्डों की स्थिति देखी। जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
अभिलेखों को खंगालने के बाद टीम ने भकला पीएचसी का दौरा किया। यहां चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ दवाओं के इंतजाम का निरीक्षण किया।
इसके बाद टीम गजाधरपुर पीएचसी व फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां जननी सुरक्षा योजना के अभिलेख तलब किए। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अभिलेखों की भी गहनता से जांच की।
प्रसव, ऑपरेशन की सुविधाओं को देखने के बाद जांच टीम ने मोतीपुर सीएचसी का दौरा किया। मोतीपुर में टीकाकरण की प्रगति पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। एनएचएम योजनाओं की गहनता से पड़ताल की।
सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई हैं। बुधवार की सुबह डॉ एसबी सिंह ने टीम के साथ जिला महिला अस्पताल का दौरा किया।
यहां टीम ने सिक न्यू बार्न केयर यूनिट, प्रसव कक्ष, टीकाकरण कक्ष, वार्डों का निरीक्षण किया। टीम ने सीएमओ डॉ. केबी जैन से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया है, और कार्यप्रणाली में सुधार लाए जाने की नसीहत दी है।
मिशन निदेशक को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
एनएचएम के जनरल मैनेजर डॉ.एसबी सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर तमाम तकनीकी खामियां मिली हैं। कई जगहों पर प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान नहीं हुआ है।
भोजन भी प्रसूताओं को नहीं मिल रहा है। प्रसव कक्ष की हालत भी यहां बदहाल है। जांच रिपोर्ट मिशन निदेशक को सौंपी जाएगी।
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ह मामला तीन दिन पूर्व पूर्वांचल व अवध प्रांत की फैजाबाद में हुई समीक्षा बैठक में उभरकर सामने आया। इस पर मिशन निदेशक ने सीएमओ को लताड़ लगाई और सीएचसी, पीएचसी की जांच के लिए एक प्रादेशिक टीम बहराइच भेज दी है।
बुधवार को टीम ने जिला महिला व पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया। सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान कई खामियां उजागर हुई हैं। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जनरल मैनेजर डॉ. एसबी सिंह व डॉ अश्विनी टीम के साथ सोमवार को बहराइच पहुंचे। डॉ. सिंह ने जरवल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद का निरीक्षण किया।
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यहां उन्होंने प्रसव कक्ष, ऑपरेशन कक्ष, इमरजेंसी व वार्डों की स्थिति देखी। जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
अभिलेखों को खंगालने के बाद टीम ने भकला पीएचसी का दौरा किया। यहां चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ दवाओं के इंतजाम का निरीक्षण किया।
इसके बाद टीम गजाधरपुर पीएचसी व फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां जननी सुरक्षा योजना के अभिलेख तलब किए। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अभिलेखों की भी गहनता से जांच की।
प्रसव, ऑपरेशन की सुविधाओं को देखने के बाद जांच टीम ने मोतीपुर सीएचसी का दौरा किया। मोतीपुर में टीकाकरण की प्रगति पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। एनएचएम योजनाओं की गहनता से पड़ताल की।
सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई हैं। बुधवार की सुबह डॉ एसबी सिंह ने टीम के साथ जिला महिला अस्पताल का दौरा किया।
यहां टीम ने सिक न्यू बार्न केयर यूनिट, प्रसव कक्ष, टीकाकरण कक्ष, वार्डों का निरीक्षण किया। टीम ने सीएमओ डॉ. केबी जैन से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया है, और कार्यप्रणाली में सुधार लाए जाने की नसीहत दी है।
मिशन निदेशक को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
एनएचएम के जनरल मैनेजर डॉ.एसबी सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर तमाम तकनीकी खामियां मिली हैं। कई जगहों पर प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान नहीं हुआ है।
भोजन भी प्रसूताओं को नहीं मिल रहा है। प्रसव कक्ष की हालत भी यहां बदहाल है। जांच रिपोर्ट मिशन निदेशक को सौंपी जाएगी।