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Bahraich News: संजय सेतु के जॉइंटर में फिर आई बड़ी दरार
Sun, 08 Feb 2026 01:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:47 AM IST
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बहराइच-लखनऊ हाईवे स्थित संजय सेतु पर आई दरार। -संवाद
जरवलरोड। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित संजय सेतु के जॉइंटर में एक बार फिर बड़ी दरार पड़ गई है। इस बार गैपिंग ने बड़े गड्ढे का रूप ले लिया है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लगभग बीच में पुल के जॉइंटर में लगे लोहे के रॉड और सरिया उखड़ गई है और गड्ढा बड़ा होने से नदी भी स्पष्ट दिखाई पड़ रही है।
संजय सेतु पर कई जगह जॉइंटर में छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं, लेकिन एक जगह तो गड्ढे ने बड़ा रूप ले लिया है। जॉइंटर में गैपिंग ज्यादा होने से छोटे वाहनों के साथ ही बड़े वाहनों के टायरों के फटने की आशंका बनी हुई है।
यह सेतु राजधानी लखनऊ को देवीपाटन मंडल के चारों जिलों बलरामपुर, गोंडा ,श्रावस्ती, बहराइच को जोड़ने के साथ-साथ नेपाल राष्ट्र को भी जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस पर प्रतिदिन हजारों छोटी-बडी गाड़ियों का आवागमन चौबीसों घंटे लगा रहता है।
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45 वर्ष पूर्व हुआ था पुल का शिलान्यास
इस पुल का शिलान्यास 1981 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने किया था। यह पुल करीब 42 वर्ष पुराना है। पुराना होने के साथ ही यह सेतु अपनी क्षमता से लगभग 40 गुना अधिक वाहनों का भार उठा रहा है। बिना मरम्मत के अब इस पर भारी वाहनों का आवागमन जोखिम भरा है।
प्रतिदिन गुजरते हैं 30 से 35 हजार वाहन
इस पुल से प्रतिदिन 30 से 35 हजार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में आए दिन कुछ न कुछ खराबी बनी रहती है। इसके चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे मरीज से लेकर स्कूली बच्चे तक परेशान हो जाते हैं।
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संजय सेतु पर कई जगह जॉइंटर में छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं, लेकिन एक जगह तो गड्ढे ने बड़ा रूप ले लिया है। जॉइंटर में गैपिंग ज्यादा होने से छोटे वाहनों के साथ ही बड़े वाहनों के टायरों के फटने की आशंका बनी हुई है।
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यह सेतु राजधानी लखनऊ को देवीपाटन मंडल के चारों जिलों बलरामपुर, गोंडा ,श्रावस्ती, बहराइच को जोड़ने के साथ-साथ नेपाल राष्ट्र को भी जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस पर प्रतिदिन हजारों छोटी-बडी गाड़ियों का आवागमन चौबीसों घंटे लगा रहता है।
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45 वर्ष पूर्व हुआ था पुल का शिलान्यास
इस पुल का शिलान्यास 1981 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने किया था। यह पुल करीब 42 वर्ष पुराना है। पुराना होने के साथ ही यह सेतु अपनी क्षमता से लगभग 40 गुना अधिक वाहनों का भार उठा रहा है। बिना मरम्मत के अब इस पर भारी वाहनों का आवागमन जोखिम भरा है।
प्रतिदिन गुजरते हैं 30 से 35 हजार वाहन
इस पुल से प्रतिदिन 30 से 35 हजार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में आए दिन कुछ न कुछ खराबी बनी रहती है। इसके चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे मरीज से लेकर स्कूली बच्चे तक परेशान हो जाते हैं।