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बैंकों में हड़ताल, दो अरब का लेनदेन ठप
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:42 PM IST
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नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की सरकारी बैंकों में मंगलवार को हड़ताल रही, जिससे बैंकों में ताले लटकते रहे। लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। बैंकों की हड़ताल से उपभोक्ता भटकते रहे। वहीं, बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन कर सभा की। सभी बैक कर्मी पेंशन, ग्रेच्युटी, भत्तों में समानता, मृतक आश्रितों की तैनाती आदि मुद्दों को लेकर आंदोलित रहे। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले में करीब दो अरब का कारोबार प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के निर्देश के तहत अपनी समस्याओं को लेकर जिले के बैंक कर्मी आंदोलित रहे। सुबह 10 बजे अधिकारी और कर्मचारी बैंक पहुंचे तो जरूर, लेकिन ताला नहीं खुला। सभी बैंकों के सामने कर्मचारियों ने जनविरोधी बैंकें तथा श्रम सुधार और श्रम संगठन अधिकारों में दखल लगाने का आरोप लगाते हुए सरकार को निशाने पर लिया। इसके बाद मंडलीय कार्यालय इलाहाबाद बैंक परिसर में सभी बैंक अधिकारी व कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां पर नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए सभा की गई।
सभा को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि सरकार अनावश्यक रूप से बैंकिंग प्रक्रिया में दखल दे रही है। स्थायी कार्यों में आउट सोर्सिंग, विमुद्रीकरण, कर्मचारियों को उचित क्षतिपूर्ति, अगले वेतन की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति करने, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था करने, खराब ऋणों की वसूली के बेहतर उपाय करने तथा जानबूझकर चूक करने वाले ऋणधारकों के विरुद्ध फौजदारी की कार्रवाई करने की जरूरत है। मंत्री केके अवस्थी ने कहा कि मांगें अरसे से लंबित हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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बैंक कर्मियों के हक और अधिकार की सरकार अनदेखी कर रही है। सभा चार घंटे तक चली। सभा को संगठन के बीके गुप्ता, आशीष कुमार, वीएस दीक्षित, एबीएस के मंत्री अफरोज आलम लारी, ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष ओमपाल सिंह, राजकुमार मिश्र, संगठन मंत्री उमेशचंद्र शाह ने संबोधित किया। सभी ने बैंकिंग व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने और कर्मचारी हितों की अनदेखी करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस मौके पर देवेंद्र गिरि, महेश कुमार, प्रदीप, किशन, अमित, सुनील कुमार, सत्यकुमार, दिलीप सिंह, प्रीतम, नितीश, विवेकानंद आदि मौजूद रहे।
स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व रीजनल सेक्रेटरी वीके अग्रवाल ने बताया कि लगभग 20 करोड़ की चेकें फंसी हुई हैं। इसके अलावा जिले की 128 शाखाओं में प्रतिदिन 180 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। जिसके तहत लगभग 200 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है। उधर, लीड बैंक प्रबंधक एसके झा ने भी स्वीकार किया बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते लगभग दो अरब का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि बुधवार से व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।
बैंकों की हड़ताल के चलते जहां बैंकों में कामकाज ठप रहा, वहीं एटीएम भी दगा दे गए। अस्पताल चौराहा, डिगिहा, छावनी बाजार, केडीसी, महिला महाविद्यालय के निकट स्थित एटीएम पर ताला लटकता रहा। जहां कहीं एटीएम खुले मिले, वहां कैश नहीं था।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के निर्देश के तहत अपनी समस्याओं को लेकर जिले के बैंक कर्मी आंदोलित रहे। सुबह 10 बजे अधिकारी और कर्मचारी बैंक पहुंचे तो जरूर, लेकिन ताला नहीं खुला। सभी बैंकों के सामने कर्मचारियों ने जनविरोधी बैंकें तथा श्रम सुधार और श्रम संगठन अधिकारों में दखल लगाने का आरोप लगाते हुए सरकार को निशाने पर लिया। इसके बाद मंडलीय कार्यालय इलाहाबाद बैंक परिसर में सभी बैंक अधिकारी व कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां पर नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए सभा की गई।
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सभा को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि सरकार अनावश्यक रूप से बैंकिंग प्रक्रिया में दखल दे रही है। स्थायी कार्यों में आउट सोर्सिंग, विमुद्रीकरण, कर्मचारियों को उचित क्षतिपूर्ति, अगले वेतन की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति करने, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था करने, खराब ऋणों की वसूली के बेहतर उपाय करने तथा जानबूझकर चूक करने वाले ऋणधारकों के विरुद्ध फौजदारी की कार्रवाई करने की जरूरत है। मंत्री केके अवस्थी ने कहा कि मांगें अरसे से लंबित हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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बैंक कर्मियों के हक और अधिकार की सरकार अनदेखी कर रही है। सभा चार घंटे तक चली। सभा को संगठन के बीके गुप्ता, आशीष कुमार, वीएस दीक्षित, एबीएस के मंत्री अफरोज आलम लारी, ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष ओमपाल सिंह, राजकुमार मिश्र, संगठन मंत्री उमेशचंद्र शाह ने संबोधित किया। सभी ने बैंकिंग व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने और कर्मचारी हितों की अनदेखी करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस मौके पर देवेंद्र गिरि, महेश कुमार, प्रदीप, किशन, अमित, सुनील कुमार, सत्यकुमार, दिलीप सिंह, प्रीतम, नितीश, विवेकानंद आदि मौजूद रहे।
स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व रीजनल सेक्रेटरी वीके अग्रवाल ने बताया कि लगभग 20 करोड़ की चेकें फंसी हुई हैं। इसके अलावा जिले की 128 शाखाओं में प्रतिदिन 180 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। जिसके तहत लगभग 200 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है। उधर, लीड बैंक प्रबंधक एसके झा ने भी स्वीकार किया बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते लगभग दो अरब का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि बुधवार से व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।
बैंकों की हड़ताल के चलते जहां बैंकों में कामकाज ठप रहा, वहीं एटीएम भी दगा दे गए। अस्पताल चौराहा, डिगिहा, छावनी बाजार, केडीसी, महिला महाविद्यालय के निकट स्थित एटीएम पर ताला लटकता रहा। जहां कहीं एटीएम खुले मिले, वहां कैश नहीं था।