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Bahraich News: लोन के नाम पर खाते खुलवाए, मंगाई ठगी की रकम
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बहराइच। लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने, चेकबुक-एटीएम और मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगाने का मामला सामने आया है। हरदी इलाके में दो युवक इस जालसाजी का मोहरा बने हैं। दोनों के खाते खुलवाकर कुल 2.44 लाख रुपये निकलवाने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिसैय्या चूड़ामणि गांव निवासी प्रमुख प्रसाद ने तहरीर में बताया कि उन्हें रुपये की जरूरत थी। लोन कराने के लिए उनकी मुलाकात रिसिया के सिंघापुरवा निवासी सुफियान से हुई। आरोप है कि सुफियान ने उन्हें आजाद नगर निवासी समीर अहमद से मिलवाया। दोनों उन्हें लखनऊ ले गए, जहां बिहार निवासी कृष्णा मुरारी प्रसाद से मुलाकात कराई गई।
प्रमुख के अनुसार, तीनों ने लोन कराने के नाम पर उनके नाम से एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में चार खाते खुलवाए। इनमें उनके नाम का मोबाइल नंबर लिंक कराया। आरोप है कि खाता खुलने के बाद तीनों ने चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल अपने पास रख लिया और लोन होने के बाद वापस करने की बात कही।
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बाद में बैंक से संपर्क करने पर प्रमुख को जानकारी हुई कि उनके खातों में अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम भेजी जा रही है। उन्होंने चेकबुक, एटीएम और मोबाइल वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने खातों में करीब चार लाख रुपये आने की बात कहकर रकम निकालकर देने का दबाव बनाया। जान से मारने की धमकी से डरकर प्रमुख ने 15 और 16 सितंबर को एटीएम व चेकबुक के माध्यम से 2.40 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को दे दिए।
दूसरे पीड़ित से 4,800 रुपये लेने का आरोप
दूसरे मामले में हरदी थाना के सिकंदरपुर निवासी नारायण वर्मा ने पुलिस को बताया कि लोन दिलाने के लिए सुफियान ने उसे समीर अहमद से मिलवाया और दोनों उसे लखनऊ ले गए। वहां कृष्णा मुरारी प्रसाद से मुलाकात कराई गई। तीनों ने उसके नाम से एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक में तीन खाते खुलवाए। इन खातों से उसके नाम का मोबाइल नंबर लिंक कराया गया। आरोप है कि चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल भी अपने पास रख लिया गया। नारायण ने 15 सितंबर को आरोपियों द्वारा धमकी देने और जबरन 4,800 रुपये जेब से निकालने का भी आरोप लगाया।
जांच कर रही विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर हरदी पुलिस जांच कर रही है। तकनीकी विशेषज्ञों को भी लगाया गया है। खातों में हुए लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शीघ्र ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
साइबर ठगों से ऐसे बचें
लोन दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल न दें।
किसी के कहने पर अपने खाते में आई रकम निकालकर उसे न सौंपें।
बैंक खाते और मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
अपने नाम से खुलवाया बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को संचालित न करने दें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।
संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलते ही संबंधित बैंक को सूचना दें।
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सिसैय्या चूड़ामणि गांव निवासी प्रमुख प्रसाद ने तहरीर में बताया कि उन्हें रुपये की जरूरत थी। लोन कराने के लिए उनकी मुलाकात रिसिया के सिंघापुरवा निवासी सुफियान से हुई। आरोप है कि सुफियान ने उन्हें आजाद नगर निवासी समीर अहमद से मिलवाया। दोनों उन्हें लखनऊ ले गए, जहां बिहार निवासी कृष्णा मुरारी प्रसाद से मुलाकात कराई गई।
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प्रमुख के अनुसार, तीनों ने लोन कराने के नाम पर उनके नाम से एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में चार खाते खुलवाए। इनमें उनके नाम का मोबाइल नंबर लिंक कराया। आरोप है कि खाता खुलने के बाद तीनों ने चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल अपने पास रख लिया और लोन होने के बाद वापस करने की बात कही।
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बाद में बैंक से संपर्क करने पर प्रमुख को जानकारी हुई कि उनके खातों में अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम भेजी जा रही है। उन्होंने चेकबुक, एटीएम और मोबाइल वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने खातों में करीब चार लाख रुपये आने की बात कहकर रकम निकालकर देने का दबाव बनाया। जान से मारने की धमकी से डरकर प्रमुख ने 15 और 16 सितंबर को एटीएम व चेकबुक के माध्यम से 2.40 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को दे दिए।
दूसरे पीड़ित से 4,800 रुपये लेने का आरोप
दूसरे मामले में हरदी थाना के सिकंदरपुर निवासी नारायण वर्मा ने पुलिस को बताया कि लोन दिलाने के लिए सुफियान ने उसे समीर अहमद से मिलवाया और दोनों उसे लखनऊ ले गए। वहां कृष्णा मुरारी प्रसाद से मुलाकात कराई गई। तीनों ने उसके नाम से एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक में तीन खाते खुलवाए। इन खातों से उसके नाम का मोबाइल नंबर लिंक कराया गया। आरोप है कि चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल भी अपने पास रख लिया गया। नारायण ने 15 सितंबर को आरोपियों द्वारा धमकी देने और जबरन 4,800 रुपये जेब से निकालने का भी आरोप लगाया।
जांच कर रही विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर हरदी पुलिस जांच कर रही है। तकनीकी विशेषज्ञों को भी लगाया गया है। खातों में हुए लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शीघ्र ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
साइबर ठगों से ऐसे बचें
लोन दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल न दें।
किसी के कहने पर अपने खाते में आई रकम निकालकर उसे न सौंपें।
बैंक खाते और मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
अपने नाम से खुलवाया बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को संचालित न करने दें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।
संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलते ही संबंधित बैंक को सूचना दें।