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बहराइच: इलाज के नाम पर भेजा लिंक, शिक्षिका के खाते से उड़ाए 2.97 लाख, ऐसे बचें साइबर ठगी से
Tue, 13 Oct 2026 08:58 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 13 Oct 2026 08:58 PM IST
सार
पीड़िता के अनुसार, बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने उनका मोबाइल नंबर लिया। कुछ देर बाद उसने व्हाट्सएप पर कॉल कर एक लिंक भेजा और उनसे कुछ जानकारियां मांगीं। इसके बाद दो अक्तूबर को एक निजी बैंक में संचालित उनके खाते से 2,97,524 रुपये निकल गए।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के अस्पताल में बेहतर इलाज की जानकारी देने के नाम पर साइबर ठग ने नगर के फ्रीगंज निवासी महिला शिक्षिका के खाते से 2,97,524 रुपये निकाल लिए। खाते से रकम निकलने का मेसेज आने पर ठगी का पता चला। पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ दरगाह थाने में भी तहरीर दी है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता मंजू पाल चित्तौरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अहिरौरा में सहायक अध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और बरेली में उनका इलाज चल रहा है। बीते 24 सितंबर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशीष कुमार ने उन्हें मथुरा के एक अस्पताल में बेहतर इलाज की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने फोन पर एक व्यक्ति से उनकी बात कराई।
मंजू पाल के मुताबिक, बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने उनका मोबाइल नंबर लिया। कुछ देर बाद उसने व्हाट्सएप पर कॉल कर एक लिंक भेजा और उनसे कुछ जानकारियां मांगीं। इसके बाद दो अक्तूबर को एक निजी बैंक में संचालित उनके खाते से 2,97,524 रुपये निकल गए। खाते से रकम निकासी का संदेश आने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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दरगाह थाना प्रभारी अमितेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एएसपी नगर आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि साइबर सेल घटना की जांच कर रही है। पीड़िता की रकम वापस कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
साइबर ठगी पर तत्काल ये कदम उठाएं
-तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
-संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते या कार्ड से संदिग्ध लेनदेन रोकने का अनुरोध करें।
-ठगी से जुड़े मेसेज, लिंक, फोन नंबर और लेनदेन के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
-किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
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पीड़िता मंजू पाल चित्तौरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अहिरौरा में सहायक अध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और बरेली में उनका इलाज चल रहा है। बीते 24 सितंबर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशीष कुमार ने उन्हें मथुरा के एक अस्पताल में बेहतर इलाज की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने फोन पर एक व्यक्ति से उनकी बात कराई।
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मंजू पाल के मुताबिक, बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने उनका मोबाइल नंबर लिया। कुछ देर बाद उसने व्हाट्सएप पर कॉल कर एक लिंक भेजा और उनसे कुछ जानकारियां मांगीं। इसके बाद दो अक्तूबर को एक निजी बैंक में संचालित उनके खाते से 2,97,524 रुपये निकल गए। खाते से रकम निकासी का संदेश आने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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दरगाह थाना प्रभारी अमितेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एएसपी नगर आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि साइबर सेल घटना की जांच कर रही है। पीड़िता की रकम वापस कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
साइबर ठगी पर तत्काल ये कदम उठाएं
-तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
-संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते या कार्ड से संदिग्ध लेनदेन रोकने का अनुरोध करें।
-ठगी से जुड़े मेसेज, लिंक, फोन नंबर और लेनदेन के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
-किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।