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बेलहा-बहरौली तटबंध पर मंडरा रहा खतरा
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तेजवापुर (बहराइच)। तहसील महसी स्थित बेलहा-बहरौली तटबंध भी कटान की चपेट में आ गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी है। इसके बाद भी अभी तक मरम्मत का कार्य नहीं शुरू किया गया है। रविवार को ग्रामीणों ने स्वयं ही इसकी मरम्मत का प्रयास शुरू कर दिया था, लेकिन सरयू की उफनाती लहरों के आगे ग्रामीणों का प्रयास विफल रहा। ऐसे में रात भर ग्रामीण जागकर तटबंध की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तटबंध कटा तो लगभग एक दर्जन गांव अस्तित्व विहीन हो जाएंगे जिससे हजारों की संख्या में ग्रामीण प्रभावित होंगे। सूचना देने के बावजूद अधिकारी सिर्फ मौका-मुआयना तक ही सीमित हैं।
तहसील महसी स्थित बेलहा-बहरौली तटबंध की लंबाई 95.05 किलोमीटर है। इस तटबंध पर हजारों की संख्या में बाढ़ पीड़ित शरण लिए हुए हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या ऐसे लोगों की है जिन्होंने बीते वर्षों में अपना घर व कृषि भूमि समेत सबकुछ बाढ़ व कटान में गंवा दिया है। तहसील महसी में स्थित इस तटबंध पर सिंचाई व बाढ़ प्रखंड की ओर से प्रतिवर्ष लाखों रुपए मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी तटबंध काफी स्थानों पर जर्जर है। तहसील क्षेत्र के चकईया गांव के निकट सरयू की उफनाती लहरों ने तटबंध पर कटान शुरू कर दी है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों ने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी है। नदी की धारा तेजी से तटबंध की कटान कर रही है। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम महसी रामदास ने मौके का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तटबंध की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। एसडीएम के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग की ओर से मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तटबंध कटा तो चकईया, बेहड़ा, नरोत्तमपुर, पिपरिया, राजपुर, मनीपुर, दीवान मटेरा, सबलापुर, बकैना समेत एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ बर्बादी की कगार पर आ जाएंगे।
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सरयू ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता बीबी पाल ने बताया कि तटबंध के चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। बरसात की वजह से काम रुका हुआ है। कटान की सूचना मिली है। जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत कराई जाएगी।
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तहसील महसी स्थित बेलहा-बहरौली तटबंध की लंबाई 95.05 किलोमीटर है। इस तटबंध पर हजारों की संख्या में बाढ़ पीड़ित शरण लिए हुए हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या ऐसे लोगों की है जिन्होंने बीते वर्षों में अपना घर व कृषि भूमि समेत सबकुछ बाढ़ व कटान में गंवा दिया है। तहसील महसी में स्थित इस तटबंध पर सिंचाई व बाढ़ प्रखंड की ओर से प्रतिवर्ष लाखों रुपए मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी तटबंध काफी स्थानों पर जर्जर है। तहसील क्षेत्र के चकईया गांव के निकट सरयू की उफनाती लहरों ने तटबंध पर कटान शुरू कर दी है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
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ग्रामीणों ने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी है। नदी की धारा तेजी से तटबंध की कटान कर रही है। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम महसी रामदास ने मौके का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तटबंध की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। एसडीएम के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग की ओर से मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तटबंध कटा तो चकईया, बेहड़ा, नरोत्तमपुर, पिपरिया, राजपुर, मनीपुर, दीवान मटेरा, सबलापुर, बकैना समेत एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ बर्बादी की कगार पर आ जाएंगे।
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सरयू ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता बीबी पाल ने बताया कि तटबंध के चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। बरसात की वजह से काम रुका हुआ है। कटान की सूचना मिली है। जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत कराई जाएगी।