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केडीसी को मिला स्वायत्तशासी का दर्जा
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बहराइच। ठाकुर हुकुम सिंह किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय को बुधवार को स्वायत्तशासी महाविद्यालय की मान्यता मिल गई। इससे शैक्षणिक रूप से पिछड़े इस जिले में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है। वर्तमान समय में यहां लगभग 12 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
बता दें कि लगभग तीन वर्ष पूर्व नैक की ओर से महाविद्यालय को ए ग्रेड प्रदान किया गया था। इसके बाद से ही महाविद्यालय प्रबंध समिति ने स्वायत्तशासी मान्यता के लिए प्रयास शुरू कर दिया था। लगभग तीन माह पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया था।
इसके बाद 18 अगस्त को यूजीसी की बैठक में महाविद्यालय को स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 24 अगस्त को यूूजीसी के अपर सचिव सुरेंद्र सिंह ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया। केडीसी के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्वायत्तशासी की मान्यता मिलने के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की उम्मीद जगी है।
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बता दें कि लगभग तीन वर्ष पूर्व नैक की ओर से महाविद्यालय को ए ग्रेड प्रदान किया गया था। इसके बाद से ही महाविद्यालय प्रबंध समिति ने स्वायत्तशासी मान्यता के लिए प्रयास शुरू कर दिया था। लगभग तीन माह पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया था।
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इसके बाद 18 अगस्त को यूजीसी की बैठक में महाविद्यालय को स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 24 अगस्त को यूूजीसी के अपर सचिव सुरेंद्र सिंह ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया। केडीसी के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्वायत्तशासी की मान्यता मिलने के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की उम्मीद जगी है।
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