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महसी में घाघरा के पानी से घिरी दो हजार की आबादी
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महसी (बहराइच)। पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बरसात की वजह से जनपद के बैराज पानी से भर गए हैं। ऐसे में बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। नतीजतन घाघरा का जलस्तर बढ़ने से महसी क्षेत्र के दो गांवों के बीच संपर्क मार्ग कट गया है। दो हजार की आबादी पानी से घिर गई है। राजस्व कर्मियों ने यहां से लोगों को निकालने के लिए चार नावें लगाईं हैं।
उधर, घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। कई लोगों ने गांवों से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना भी शुरू कर दिया है। महसी के सिपहिया हुलास व शब्दपुरवा के बीच बना संपर्क मार्ग भी कट गया है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल श्यामसुंदर ने बताया कि ग्रामीणों को निकालने के लिए यहां चार नावें लगाई गईं हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि जनपद के तीनों बैराजों से तीन लाख 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे घाघरा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। घाघरा नदी खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर नीचे बह रही है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर रखी है।
एसडीएम महसी रामदास व तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने शनिवार की शाम टिकुरी, गोलागंज, तारापुरवा, बौंडी, बिसवां व घूरदेवी स्पर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी हल्का लेखपालों को प्रभावित ग्रामों में रात्रि विश्राम करने व नावों की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
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उधर, घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। कई लोगों ने गांवों से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना भी शुरू कर दिया है। महसी के सिपहिया हुलास व शब्दपुरवा के बीच बना संपर्क मार्ग भी कट गया है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल श्यामसुंदर ने बताया कि ग्रामीणों को निकालने के लिए यहां चार नावें लगाई गईं हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि जनपद के तीनों बैराजों से तीन लाख 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे घाघरा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। घाघरा नदी खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर नीचे बह रही है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर रखी है।
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एसडीएम महसी रामदास व तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने शनिवार की शाम टिकुरी, गोलागंज, तारापुरवा, बौंडी, बिसवां व घूरदेवी स्पर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी हल्का लेखपालों को प्रभावित ग्रामों में रात्रि विश्राम करने व नावों की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
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