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नहर सूखी, 40 हजार बीघा खेत प्यासे

Mon, 18 Jul 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2022 11:48 PM IST
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रुपईडीहा (बहराइच)। बारिश न होने से किसान नहरों की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कई नहरों में पानी नही है। इस वजह से हजारों बीघा खेत सूखे पड़े हैं। करीब 10000 हजार किसानों के 40 हजार बीघा खेत सींचने वाली पटना कॉलोनी नहर का भी यही हाल है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन चल रहा है और सूखे जैसे हालात हैं। ऐसे में भी केवल एक से दो दिन के लिए ही नहर में पानी छोड़ा गया है।
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बता दें कि पानी के अभाव में जिले में लगभग 40 प्रतिशत ही धान रोपा जा सका है। बारिश न होने से किसान नहरों के सहारे खेती करना चाह रहे हैं, लेकिन उनकी यह चाहत सिंचाई विभाग की लापरवाही की वजह से पूरी नहीं हो पा रही है। रुपईडीहा क्षेत्र में लगभग 40 हजार बीघा जमीन सींचने वाली पटना कॉलोनी नहर भी सूखी पड़ी है। इस वजह से तमाम किसान धान की रोपाई नहीं कर पाए। जिन किसानों ने पंपिंग सेट के सहारे रोपाई की थी उनके खेत भी अब सूखे हैं। ये किसान अब सिंचाई के लिए नहर की ओर देख रहे हैं।
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पटना कॉलोनी नहर से सिंचाई करने वाले किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की रोपाई के लिए मात्र दो दिन ही नहर में पानी दिया गया। इसके चलते सिर्फ नहर के पास वाले 10 प्रतिशत किसानों के खेतों में ही पानी पहुंच पाया। जिन किसानों के खेत पीछे थे, उनके खेत सूखे ही रह गए। वहीं, दो दिन पानी देने के बाद विभागीय जिम्मेदार दोबारा नहर में पानी देना भूल गए जिसके चलते जिन 10 प्रतिशत किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी उनके खेत भी सूखने लगे हैं।
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किसान चंद्रशेखर, अशोक कुमार, संतोष वर्मा, अयोध्या प्रसाद वर्मा, कल्लू वर्मा, निर्मल वर्मा आदि ने बताया कि एक ओर जहां बादल निष्ठुर बने हुए हैं और सूखे जैसे हालात बन गए हैं, वहीं जिले के जिम्मेदार भी सुध नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों को किसानों की समस्या नहीं दिख रही है। पानी के अभाव में इस बार किसानों को बड़ा नुकसान होगा। जिला प्रशासन को नहरों में पानी छोड़कर किसानों की मदद करनी चाहिए।

लो-हाई वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इसके चलते पंप नहीं चल पाते हैं। यही समस्या बड़ी नहर में भी है जिससे नहर में पानी कम रहता है। इसी वजह से नहर के सभी फाटक नहीं खुल पाते हैं।
- विजय पाल, जूनियर इंजीनियर, सिंचाई विभाग
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