{"_id":"62b9ef745dbac909aa4936b0","slug":"bahraich-bahraich-news-lko637115043","type":"story","status":"publish","title_hn":"4453 मुर्दों ने भी बटोर ली किसान सम्मान निधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4453 मुर्दों ने भी बटोर ली किसान सम्मान निधि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। सरकारी योजनाओं में गड़बड़झाला तो बहुत सुना होगा, लेकिन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हर दिन गड़बड़ी सामने आ रही है। ताजा मामला मुर्दों के किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का सामने आया है। मामले का खुलासा कृषि विभाग की ओर से करवाए जा रहे सोशल ऑडिट में हुआ है। इसमें जिलेभर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 4453 ऐसे लाभार्थी पकड़ में आए हैं जो जीवित ही नहीं हैं। इसके बावजूद उनके खातों में सम्मान निधि की राशि का भुगतान हो रहा है। कृषि विभाग ने ऐसे सभी मामलों में नोटिस जारी कर रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी है।
योजना के तहत गरीब किसानों को दो-दो हजार की तीन किस्तों में छह हजार की आर्थिक मदद दी जाती है ताकि वे खाद-बीज का प्रबंध कर सकें। विडंबना है कि वृहद स्तर पर देशभर में शुरू की गई इस योजना में जमकर फर्जीवाड़ा कर अपात्रों को लाभ दिया गया। आए दिन ऐसे मामले सामने भी आते रहे। ताजा मामला मुर्दों के योजना का लाभ लेने का सामने आया है। बताते चलें कि किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा खत्म करने व अपात्रों की पहचान करने के लिए सरकार की ओर से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही कृषि विभाग के कर्मचारियों को गांव-गांव भेजकर सोशल ऑडिट कर भी अपात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। एक जून से शुरू हुए सोशल ऑडिट में 4453 ऐसे किसान पाए गये हैं जो जीवित नहीं हैं, लेकिन किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। 30 जून को सोशल ऑडिट खत्म होने पर इन सभी के प्रपत्रों की जांच की जाएगी कि मौत के बाद कितनी किस्तों का लाभ लिया गया। इसके बाद नोटिस जारी कर रिकवरी की जाएगी। इससे पूर्व भी ऐसा मामला सामने आया था जिसमें अब तक 10 लाख की रिकवरी की जा चुकी है।
सोशल आडिट में 4453 मृत अपात्रों के साथ ही 9978 अन्य अपात्र भी सामने आए हैं। इनमें एक ही परिवार में एक से अधिक लोगों द्वारा योजना का लाभ लेने व सरकारी सेवक होने के बाद भी लाभ लेने वालों के अलावा भूमिहीन भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार की ओर से भी जिले के 2049 अपात्र किसानों की सूची दी गई है। इनमें 1731 किसान ऐसे पाए गये हैं जिन्होंने अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ लिया है। इन सभी 1731 किसानों से सम्मान निधि की राशि वसूली जाएगी।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता लाने व गलत तरीके से योजना का लाभ ले रहे अपात्रों को छांटने के लिए जारी सोशल ऑडिट में अब तक 14431 किसान अपात्र पाए गये हैं। इनसे धन की रिकवरी की जानी है। कृषि विभाग की ओर से अब तक 543 अपात्र किसानों से 46 लाख की रिकवरी की गई है।
किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र मिले किसानों को कृषि महकमे ने नोटिस जारी कर योजना का दुरुपयोग कर लिया गया लाभ जमा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से कई किसानों ने रकम जमा कर दी है। साथ ही कृषि विभाग के कर्मचारी भी रिकवरी कर रहे हैं। इसके बावजूद कई ऐेसे भी हैं जो पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे अपात्रों से 30 जून के बाद 20 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज के साथ रिकवरी की जाएगी।
परिवार में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि, भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पद धारक, केंद्र व प्रदेश सरकार के अधिकारी व कर्मचारी, आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर 10 हजार से अधिक पेंशन लेने वाले लोग, डॉक्टर, अधिवक्ता, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि योजना के तहत अपात्र हैं। साथ ही ऐसे परिवार जिनमें पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे हैं उनमें से एक अपात्र है।
विज्ञापन
योजना के तहत गरीब किसानों को दो-दो हजार की तीन किस्तों में छह हजार की आर्थिक मदद दी जाती है ताकि वे खाद-बीज का प्रबंध कर सकें। विडंबना है कि वृहद स्तर पर देशभर में शुरू की गई इस योजना में जमकर फर्जीवाड़ा कर अपात्रों को लाभ दिया गया। आए दिन ऐसे मामले सामने भी आते रहे। ताजा मामला मुर्दों के योजना का लाभ लेने का सामने आया है। बताते चलें कि किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा खत्म करने व अपात्रों की पहचान करने के लिए सरकार की ओर से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही कृषि विभाग के कर्मचारियों को गांव-गांव भेजकर सोशल ऑडिट कर भी अपात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। एक जून से शुरू हुए सोशल ऑडिट में 4453 ऐसे किसान पाए गये हैं जो जीवित नहीं हैं, लेकिन किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। 30 जून को सोशल ऑडिट खत्म होने पर इन सभी के प्रपत्रों की जांच की जाएगी कि मौत के बाद कितनी किस्तों का लाभ लिया गया। इसके बाद नोटिस जारी कर रिकवरी की जाएगी। इससे पूर्व भी ऐसा मामला सामने आया था जिसमें अब तक 10 लाख की रिकवरी की जा चुकी है।
विज्ञापन
सोशल आडिट में 4453 मृत अपात्रों के साथ ही 9978 अन्य अपात्र भी सामने आए हैं। इनमें एक ही परिवार में एक से अधिक लोगों द्वारा योजना का लाभ लेने व सरकारी सेवक होने के बाद भी लाभ लेने वालों के अलावा भूमिहीन भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार की ओर से भी जिले के 2049 अपात्र किसानों की सूची दी गई है। इनमें 1731 किसान ऐसे पाए गये हैं जिन्होंने अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ लिया है। इन सभी 1731 किसानों से सम्मान निधि की राशि वसूली जाएगी।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता लाने व गलत तरीके से योजना का लाभ ले रहे अपात्रों को छांटने के लिए जारी सोशल ऑडिट में अब तक 14431 किसान अपात्र पाए गये हैं। इनसे धन की रिकवरी की जानी है। कृषि विभाग की ओर से अब तक 543 अपात्र किसानों से 46 लाख की रिकवरी की गई है।
किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र मिले किसानों को कृषि महकमे ने नोटिस जारी कर योजना का दुरुपयोग कर लिया गया लाभ जमा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से कई किसानों ने रकम जमा कर दी है। साथ ही कृषि विभाग के कर्मचारी भी रिकवरी कर रहे हैं। इसके बावजूद कई ऐेसे भी हैं जो पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे अपात्रों से 30 जून के बाद 20 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज के साथ रिकवरी की जाएगी।
परिवार में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि, भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पद धारक, केंद्र व प्रदेश सरकार के अधिकारी व कर्मचारी, आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर 10 हजार से अधिक पेंशन लेने वाले लोग, डॉक्टर, अधिवक्ता, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि योजना के तहत अपात्र हैं। साथ ही ऐसे परिवार जिनमें पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे हैं उनमें से एक अपात्र है।