{"_id":"625f01d255ef736c5512e630","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6268878189","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम साहब बिटिया की शादी है, बकाया दिलवा दीजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम साहब बिटिया की शादी है, बकाया दिलवा दीजिए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। पयागपुर के पैतौरा निवासी प्रेम कुमार शर्मा, उत्तर प्रदेश भंडार लिमिटेड के केंद्र प्रभारी रहे हैं। इनको वर्ष 2016-17 से केंद्र संचालन के लिए मिलने वाला मानदेय, हैंडलिंग चार्ज व गोदाम किराया नहीं दिया गया है, जबकि अगले माह इनकी बिटिया की शादी है। बकाया भुगतान के लिए वह पिछले छह महीने से जिम्मेदारों की चौखट का चक्कर लगा रहे हैं और बिटिया की शादी का वास्ता दे रहे हैं। इसके बावजूद बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर सोमवार को प्रेम कुमार ने डीएम को पत्र देकर भुगतान की मांग की है।
पयागपुर थाना क्षेत्र के पैतौरा निवासी प्रेम कुमार शर्मा पुत्र नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016-2017 से 2019-20 तक क्रय केंद्र प्रभारी के रूप में कार्य किया है। वर्ष 2016-17 का 9500 क्विंटल गेहूं, 2018-19 का 8640 क्विंटल धान व 2019-20 का 5483 क्विंटल गेहूं खरीद का हैंडलिंग चार्ज बकाया है। साथ ही तीनों वर्षों का 5000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय भुगतान व गोदाम किराया भी नहीं दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अगले माह 11 मई को उनके बिटिया की शादी है। ऐसे में उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। इसके लिए वह पिछले छह माह से पीसीएफ व पीसीयू के जिम्मेदारों के पास भुगतान के लिए दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बकाया भुगतान नहीं कर रहे हैं जिसके चलते उनकी बिटिया के हाथ पीले होते नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को जिलाधिकारी के यहां पत्र देकर बकाया भुगतान की मांग की है ताकि हंसी-खुशी बिटिया की शादी संपन्न हो जाए।
विज्ञापन
क्रय केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि गेहूं की हैंडलिंग के लिए 6.12 रुपये प्रति क्विंटल तो धान के लिए 8 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि गोदाम का 5000 रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया मिलता है। तीन सालों का लगभग चार लाख रुपये बकाया है। बिटिया की शादी से पहले अगर बकाया भुगतान नहीं हुआ तो परेशानी होगी।
केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि हाल ही में काफी बीमार हो गए थे। उस समय भी उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। इसके लिए जिम्मेदारों से बकाया भुगतान की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने भुगतान नहीं किया।
पीसीयू की ओर से पूरा भुगतान केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड को कर दिया गया है। वहां जाकर अपना हिसाब मिलान कर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
- संजीत यादव, जिला प्रबंधक, पीसीयू
विज्ञापन
पयागपुर थाना क्षेत्र के पैतौरा निवासी प्रेम कुमार शर्मा पुत्र नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016-2017 से 2019-20 तक क्रय केंद्र प्रभारी के रूप में कार्य किया है। वर्ष 2016-17 का 9500 क्विंटल गेहूं, 2018-19 का 8640 क्विंटल धान व 2019-20 का 5483 क्विंटल गेहूं खरीद का हैंडलिंग चार्ज बकाया है। साथ ही तीनों वर्षों का 5000 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय भुगतान व गोदाम किराया भी नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अगले माह 11 मई को उनके बिटिया की शादी है। ऐसे में उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। इसके लिए वह पिछले छह माह से पीसीएफ व पीसीयू के जिम्मेदारों के पास भुगतान के लिए दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बकाया भुगतान नहीं कर रहे हैं जिसके चलते उनकी बिटिया के हाथ पीले होते नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को जिलाधिकारी के यहां पत्र देकर बकाया भुगतान की मांग की है ताकि हंसी-खुशी बिटिया की शादी संपन्न हो जाए।
विज्ञापन
क्रय केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि गेहूं की हैंडलिंग के लिए 6.12 रुपये प्रति क्विंटल तो धान के लिए 8 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि गोदाम का 5000 रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया मिलता है। तीन सालों का लगभग चार लाख रुपये बकाया है। बिटिया की शादी से पहले अगर बकाया भुगतान नहीं हुआ तो परेशानी होगी।
केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि हाल ही में काफी बीमार हो गए थे। उस समय भी उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। इसके लिए जिम्मेदारों से बकाया भुगतान की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने भुगतान नहीं किया।
पीसीयू की ओर से पूरा भुगतान केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड को कर दिया गया है। वहां जाकर अपना हिसाब मिलान कर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
- संजीत यादव, जिला प्रबंधक, पीसीयू