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महंगी जांचों के लिए निजी पैथालॉजी का ही सहारा
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बहराइच। जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुए लगभग चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसके बाद भी मरीजों को सीटी स्कैन व डायलिसिस समेत अन्य महंगी जांचों के लिए निजी पैथालॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है जबकि प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज में बहराइच समेत बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के मरीज भी काफी संख्या में आते हैं। विशेष तौर पर दुर्घटना में घायल मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा मेडिकल कॉलेज में न मिलने से काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं।
लगभग चार वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने से लोगों में काफी हर्ष था। उन्हें उम्मीद थी कि अब जिला मुख्यालय पर ही नि:शुल्क व उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकेंगी। चार वर्ष बीतने के बाद भी लोगों को आज भी विभिन्न जांचों व इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में आज भी सीटी स्कैन, डायलिसिस व हृदय रोगियों के लिए टीएनटी व इको जैसी जांच सेवाएं नदारद हैं।
सीटी स्कैन की सुविधा मेडिकल कॉलेज में न होने से यहां आने वाले दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। उनकी जांच के लिए परिजन मरीजों को लेकर निजी पैथालॉजी के चक्कर काटने को विवश होते हैं। प्रतिदिन जनपद समेत नेपाल, श्रावस्ती व बलरामपुर समेत अन्य जनपदों के मरीज काफी संख्या में यहां आते हैं, लेकिन उन्हें इन महत्वपूर्ण जांचों के लिए निजी पैथालॉजी व निजी नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ती है। जिसकी एवज में उनसे मोटा शुल्क भी वसूल किया जाता है।
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सीटी स्कैन व डायलिसिस समेत अन्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा रहा है। यह सेवाएं शीघ्र मुहैया कराये जाने की कोशिश की जा रही है। जिससे यहां आने वाले रोगियों को इसका लाभ मिल सके।
ओपी पांडे, सीएमएस, बहराइच।
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लगभग चार वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने से लोगों में काफी हर्ष था। उन्हें उम्मीद थी कि अब जिला मुख्यालय पर ही नि:शुल्क व उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकेंगी। चार वर्ष बीतने के बाद भी लोगों को आज भी विभिन्न जांचों व इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में आज भी सीटी स्कैन, डायलिसिस व हृदय रोगियों के लिए टीएनटी व इको जैसी जांच सेवाएं नदारद हैं।
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सीटी स्कैन की सुविधा मेडिकल कॉलेज में न होने से यहां आने वाले दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। उनकी जांच के लिए परिजन मरीजों को लेकर निजी पैथालॉजी के चक्कर काटने को विवश होते हैं। प्रतिदिन जनपद समेत नेपाल, श्रावस्ती व बलरामपुर समेत अन्य जनपदों के मरीज काफी संख्या में यहां आते हैं, लेकिन उन्हें इन महत्वपूर्ण जांचों के लिए निजी पैथालॉजी व निजी नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ती है। जिसकी एवज में उनसे मोटा शुल्क भी वसूल किया जाता है।
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सीटी स्कैन व डायलिसिस समेत अन्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा रहा है। यह सेवाएं शीघ्र मुहैया कराये जाने की कोशिश की जा रही है। जिससे यहां आने वाले रोगियों को इसका लाभ मिल सके।
ओपी पांडे, सीएमएस, बहराइच।