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भूमिहीन किसानों के लिए मधुमक्खी पालन सर्वोत्तम
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बहराइच। कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच पर बीती 15 फरवरी से जारी सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का सोमवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय व जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने सभी प्रतिभागी किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किया। हनी मिशन के तहत राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा आयोजित सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण में 25 किसान शामिल हुए।
किसानों को संबोधित करते हुए उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने कहा कि मधुमक्खी पालन में सरकार द्वारा 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसका उपयोग कर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। मधुमक्खी पालन छोटे मधुमक्खी पालकों को अंशकालिक व बड़े मधुमक्खी पालकों को पूर्णकालिक रोजगार प्रदान कर सकता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीपी शाही ने बताया की अक्टूबर-नवंबर में मधुमक्खी पालन शुरू करने का सबसे अच्छा समय है।
फरवरी माह तक फूलों की संख्या अधिक होती है। इससे मधुमक्खियों की संख्या में बढ़ोतरी होती है। 5 से 10 बक्सों से शुरुआत कर इसे और बढ़ाया जा सकता है। वैज्ञानिक डॉ. पी के सिंह ने बताया की छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के लिए मधुमक्खी पालन एक शानदार विकल्प है। यह काम शुरू करने के लिए कम पूंजी और कम जमीन की आवश्यकता होती है। प्रशिक्षण में मधुमक्खियों को प्रभावित करने वाले रोग, कीटनाशक आदि के बारे में जानकारी दी गई।
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किसानों को संबोधित करते हुए उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने कहा कि मधुमक्खी पालन में सरकार द्वारा 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसका उपयोग कर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। मधुमक्खी पालन छोटे मधुमक्खी पालकों को अंशकालिक व बड़े मधुमक्खी पालकों को पूर्णकालिक रोजगार प्रदान कर सकता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीपी शाही ने बताया की अक्टूबर-नवंबर में मधुमक्खी पालन शुरू करने का सबसे अच्छा समय है।
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फरवरी माह तक फूलों की संख्या अधिक होती है। इससे मधुमक्खियों की संख्या में बढ़ोतरी होती है। 5 से 10 बक्सों से शुरुआत कर इसे और बढ़ाया जा सकता है। वैज्ञानिक डॉ. पी के सिंह ने बताया की छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के लिए मधुमक्खी पालन एक शानदार विकल्प है। यह काम शुरू करने के लिए कम पूंजी और कम जमीन की आवश्यकता होती है। प्रशिक्षण में मधुमक्खियों को प्रभावित करने वाले रोग, कीटनाशक आदि के बारे में जानकारी दी गई।
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