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नहर में सिंचाई के लिए पानी न होने से किसान बेहाल
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बाबागंज (बहराइच)। चौधरी चरण सिंह सरयू पंप नहर में पानी न छोड़े जाने से किसानों के सामने सिंचाई की समस्या गहरा गई है। इस समय किसान गेहूं की बोआई की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन सिंचाई की समस्या होने से किसान परेशान हैं।
विकास खंड नवाबगंज अंतर्गत बाबागंज में संचालित चौधरी चरण सिंह सरयू नहर पंप में माइनर नहरों के भरोसे खेती नहीं हो पा रही। किसानों को सिंचाई करने में परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इस क्षेत्र में बरसात के बाद सिंचाई के लिए सिंचाई का एकमात्र साधन माइनर नहरें ही हैं। इस समय बरसात न होने और नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान खेतों में पलेवा करने के लिए माइनर नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि पंपिंग सेट लगाकर सिंचाई की जायेगी तो डीजल महंगा होने के कारण सिंचाई का खर्च काफी बढ़ जायेगा। इस बारे में संबंधित क्षेत्र के अभियंता का कहना है कि अभी मुख्य नहर में पानी नहीं है। वहां पानी चलने के बाद ही माइनर नहरों में पानी छोड़ा जायेगा। आगामी सात दिसंबर के आसपास किसानों को माइनर नहरों ने सिंचाई के लिए पानी मिलना प्रारंभ हो जाएगा।
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विकास खंड नवाबगंज अंतर्गत बाबागंज में संचालित चौधरी चरण सिंह सरयू नहर पंप में माइनर नहरों के भरोसे खेती नहीं हो पा रही। किसानों को सिंचाई करने में परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इस क्षेत्र में बरसात के बाद सिंचाई के लिए सिंचाई का एकमात्र साधन माइनर नहरें ही हैं। इस समय बरसात न होने और नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान खेतों में पलेवा करने के लिए माइनर नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि पंपिंग सेट लगाकर सिंचाई की जायेगी तो डीजल महंगा होने के कारण सिंचाई का खर्च काफी बढ़ जायेगा। इस बारे में संबंधित क्षेत्र के अभियंता का कहना है कि अभी मुख्य नहर में पानी नहीं है। वहां पानी चलने के बाद ही माइनर नहरों में पानी छोड़ा जायेगा। आगामी सात दिसंबर के आसपास किसानों को माइनर नहरों ने सिंचाई के लिए पानी मिलना प्रारंभ हो जाएगा।
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