फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bahraich

खटारा एंबुलेंस के भरोसे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था

Sun, 10 Oct 2021 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 10:42 PM IST
विज्ञापन
bahraich
बहराइच। जिले में संचालित एंबुलेंस काफी जर्जर और खटारा हो चुकी हैं, जिससे घटनास्थल से नजदीकी अस्पताल तक मरीजों को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बदलनी पड़ रही है। आलम यह है कि कहीं एंबुलेंस रास्ते में तो कहीं जंगल में ही धोखा दे रही है। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी जर्जर एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं को मुंह चिढ़ा रही हैं।
विज्ञापन

मरीजों को गांव से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 और 102 सेवा की एंबुलेंस संचालित है। इन्हीं एंबुलेंस से सड़क हादसे, गर्भवती महिलाओं समेत अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाता है। इसके लिए मरीज के तीमारदार 108 और 102 एंबुलेंस को फोन करते हैं। गांव से नजदीकी अस्पताल और सीएचसी से जिला अस्पताल मरीजों को पहुंचाने के लिए जिले में 82 एंबुलेंस संचालित है। इनमें चार एंबुलेंस एलएस सेवा की हैं, लेकिन लंबे अरसे सेवाएं दे रही एंबुलेंस की स्थिति दिनोंदिन जर्जर होती जा रही है। खटारा और जर्जर एंबुलेंस मरीजों को गांव से अस्पताल ले जाते समय धोखा दे रही हैं।
विज्ञापन

कहीं मरीज रास्ते में ही जिंदगी-मौत से जूझने लगते हैं तो कहीं जंगल के रास्ते में ही एंबुलेंस का संचालन बंद होने लगता है। ऐसे में एंबुलेंस के कर्मचारी दूसरी एंबुलेंस को बुलाकर मरीजों को अस्पताल तक भेजवाते हैं, लेकिन देर होने पर उनकी जान भी जा सकती है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं एंबुलेंस कर्मी भी खराबी से परेशान हो जाते हैं। आलम यह है कि एंबुलेंस रास्ते में ही मरीजों को धोखा दे रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवा कैसे बेहतर होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कुछ यही हालात बीते हफ्ते कैसरगंज, बिछिया और पयागपुर में देखने को मिला। जहां दूसरे एंबुलेंस से मरीजों को सीएचसी भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

108 एंबुलेंस सेवा- 37
102 एंबुलेंस सेवा- 41
एलएस एंबुलेंस सेवा- 04
कैसरगंज विकास खंड के अंतर्गत ग्राम आगापुर निवासी लक्ष्मी देवी (15 वर्ष) की 27 सितंबर को सांस की बीमारी से परेशानी होने पर परिवार के लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस बालिका को लेकर अस्पताल जा रही थी। तभी रास्ते में एंबुलेंस खराब हो गई। जिससे खराब एंबुलेंस को ट्रैक्टर से सीएचसी भेजवाया गया। जबकि, दूसरी एंबुलेंस से बालिका को जरवल सीएचसी पहुंचाकर भर्ती कराया गया।
सुजौली थाना क्षेत्र के आंबा गांव निवासी एक युवक को सांप ने काट लिया। परिवार के लोग 108 एंबुलेंस से मोतीपुर सीएचसी ले जा रहे थे। 23 अगस्त को एंबुलेंस बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग पर जंगल में ही खराब हो गई। काफी देर बाद दूसरी एंबुलेंस से सर्पदंश पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया।
जिले में एंबुलेंस संख्या यूपी बीजी 9531 एंबुलेंस सेवा 108 से चार अक्तूबर को एंबुलेंस सेवा के ही एक अधिकारी की बाइक जिला मुख्यालय लाई गई, जबकि एंबुलेंस का कार्य सिर्फ मरीजों को अस्पताल लाना और ले जाना है। फिलहाल उसकी जानकारी होने पर दोनक्का तिराहे पर हंगामा भी शुरू हो गया। कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारी पर आरोप लगाया कि वह दबाव पूर्वक बाइक मंगवा रहे थे।

हम जल्द ही खराब एंबुलेंस की सूची जिला प्रभारी से मांग रहे हैं, जिससे एंबुलेंस ठीक कराया जा सके। जो एंबुलेंस चलने की स्थिति में नहीं है, उनके स्थान पर नए एंबुलेंस की मांग करेंगे- डॉ. एसके सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed