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सरिया प्लांट हादसा : दहशत में प्लांट छोड़कर भागे मजदूर
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बहराइच/रिसियामोड़। रिसिया के बभनी गांव स्थित सरिया मिल में हुए हादसे को मिल प्रबंधन घटना के बाद से ही छिपाने में जुटा रहा। घटना के चार घंटे बाद तक किसी बाहरी व्यक्ति को मिल में प्रवेश नहीं दिया गया। काफी दबाव पड़ने के बाद मिल का दरवाजा खुला तो मिल के जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी मौके से फरार हो गए। क्रेन हादसे के बाद अन्य मजदूर दहशत में हैं। सभी मिल के बाहर अन्य जगह पर शरण लिए हुए हैं। मजदूरों की मानेें तो मिल के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से हादसा हुआ है। हालांकि, अब पूरे मामले की जांच करने में पुलिस जुटी हुई है।
जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर गोदनी बसाही गांव में सुदेश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री है। सरिया मिल में मंगलवार भोर क्रेन टूटने से बड़ा हादसा हुआ और उसमें एक मजदूर की मौत हुई जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। क्रेन टूटने की आवाज इतनी तेज रही कि आसपास के ग्रामीण भी चौंक उठे। मिल में काम कर रहे कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेलिंग पर क्रेन 10 टन माल लेकर जा रही थी कि अचानक खराब हो गई और उसी रेलिंग पर दूसरी क्रेन भी 10 टन माल लेकर पहुंच गई। रेलिंग पर दोनों क्रेनों के पहुंचने से वजन अधिक हुआ तो रेलिंग कमजोर हुई और एक क्रेन टूटकर नीचे गिर गई जिससे कई मजदूर दब गए।
मिल के जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही के चलते हुए हादसे में एक मजदूर की जान चली गई। मिल प्रबंधन घटना को छिपाने में जुटा रहा। जब मंगलवार सुबह आठ बजे मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मी पहुंचे तो गेट मैन ने गेट खोलने से इंकार कर दिया। अंदर क्रेन टूटने के बाद घटनास्थल से साक्ष्य हटाने का काम तेजी से किया जा रहा था जिससे मिल के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही सामने न आए। लगभग चार घंटे बाद जब पुलिस एक्शन मोड में आई तो मजबूरी में मिल का गेट खोलना पड़ा। कुछ ही देर बाद मिल के जिम्मेदार अधिकारी मौके से फरार हो गए। मिल में काम कर रहे मजदूर भी दहशत में हैं। वे काम छोड़कर पास की कॉलोनी में शरण लिए हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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सरिया मिल के मुख्य एकाउंटेंट अंकित बंसल ने बताया कि मिल परिसर के अंदर हुआ हादसा किसी की लापरवाही नहीं है। संयोग ही था कि क्रेन टूट गई और हादसा हो गया। घटना के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
मिल परिसर में क्रेन टूटने के बाद मिल प्रबंधन मामले को छिपाने में जुटा रहा तो बाहर क्रेन की चपेट में आने से कई मजदूरों के मरने की अफवाह उड़ती रही। चौक-चौराहों पर लोग यह चर्चा करते रहे कि मिल में कम से कम 10 मजदूरों की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की तफ्तीश के बाद मामला साफ हो सका। देर शाम तक अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
मिल परिसर के अंदर हुए हादसे में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अगर मिल प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही सामने आती है तो किसी भी हाल में जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एएसपी नगर, बहराइच
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जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर गोदनी बसाही गांव में सुदेश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री है। सरिया मिल में मंगलवार भोर क्रेन टूटने से बड़ा हादसा हुआ और उसमें एक मजदूर की मौत हुई जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। क्रेन टूटने की आवाज इतनी तेज रही कि आसपास के ग्रामीण भी चौंक उठे। मिल में काम कर रहे कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेलिंग पर क्रेन 10 टन माल लेकर जा रही थी कि अचानक खराब हो गई और उसी रेलिंग पर दूसरी क्रेन भी 10 टन माल लेकर पहुंच गई। रेलिंग पर दोनों क्रेनों के पहुंचने से वजन अधिक हुआ तो रेलिंग कमजोर हुई और एक क्रेन टूटकर नीचे गिर गई जिससे कई मजदूर दब गए।
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मिल के जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही के चलते हुए हादसे में एक मजदूर की जान चली गई। मिल प्रबंधन घटना को छिपाने में जुटा रहा। जब मंगलवार सुबह आठ बजे मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मी पहुंचे तो गेट मैन ने गेट खोलने से इंकार कर दिया। अंदर क्रेन टूटने के बाद घटनास्थल से साक्ष्य हटाने का काम तेजी से किया जा रहा था जिससे मिल के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही सामने न आए। लगभग चार घंटे बाद जब पुलिस एक्शन मोड में आई तो मजबूरी में मिल का गेट खोलना पड़ा। कुछ ही देर बाद मिल के जिम्मेदार अधिकारी मौके से फरार हो गए। मिल में काम कर रहे मजदूर भी दहशत में हैं। वे काम छोड़कर पास की कॉलोनी में शरण लिए हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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सरिया मिल के मुख्य एकाउंटेंट अंकित बंसल ने बताया कि मिल परिसर के अंदर हुआ हादसा किसी की लापरवाही नहीं है। संयोग ही था कि क्रेन टूट गई और हादसा हो गया। घटना के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
मिल परिसर में क्रेन टूटने के बाद मिल प्रबंधन मामले को छिपाने में जुटा रहा तो बाहर क्रेन की चपेट में आने से कई मजदूरों के मरने की अफवाह उड़ती रही। चौक-चौराहों पर लोग यह चर्चा करते रहे कि मिल में कम से कम 10 मजदूरों की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की तफ्तीश के बाद मामला साफ हो सका। देर शाम तक अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
मिल परिसर के अंदर हुए हादसे में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अगर मिल प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही सामने आती है तो किसी भी हाल में जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एएसपी नगर, बहराइच