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विवाहिता की हत्या में पति, जेठ व जेठानी को आजीवन कारावास
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बहराइच। पत्नी की नृशंस हत्या के मामले मेें थाना नवाबगंज के लोखड़ियनपुरवा निवासी पति, जेठ व जेठानी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों अभियुक्तों को न्यायाधीश के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि थाना मल्हीपुर जनपद श्रावस्ती के ग्राम शिकारी चौडा निवासी सियाराम वर्मा ने थाना नवाबगंज मेें 20 अप्रैल, 2014 को तहरीर देकर कहा था कि उसकी 27 वर्षीय पुत्री धूपकली का विवाह थानाक्षेत्र नवाबगंज के लोखड़ियनपुरवा निवासी रामू वर्मा के साथ दस वर्ष पूर्व हुआ था। उसके दामाद का अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध चल रहा था। इसी को लेकर बेटी व दामाद मेें आए दिन झगड़ा होता रहता था। पिता सियाराम ने बताया कि 19 अप्रैल, 2014 को दामाद रामू, जेठ बाबूलाल, बाबूलाल की पत्नी गुनगुना व उसके बेटे विक्रम ने कुल्हाड़ी, डंडा, फरसा आदि से उसकी बेटी की निर्मम हत्या कर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोपपत्र न्यायालय को प्रस्तुत किया था। डीजीसी क्रिमिनल मिश्रा ने बताया कि मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नितिन पांडेय के न्यायालय में चल रहा था।
शुक्रवार को न्यायाधीश पांडेय ने बचाव व अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद पति रामू, जेठ बाबूलाल व बाबूलाल की पत्नी गुरगाना उर्फ प्रभावती को घटना मेें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले मेें न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को 25-25 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर सभी अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि घटना मेें विक्रम के नाबालिग होने के चलते उसके विरूद्ध आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया है।
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डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि थाना मल्हीपुर जनपद श्रावस्ती के ग्राम शिकारी चौडा निवासी सियाराम वर्मा ने थाना नवाबगंज मेें 20 अप्रैल, 2014 को तहरीर देकर कहा था कि उसकी 27 वर्षीय पुत्री धूपकली का विवाह थानाक्षेत्र नवाबगंज के लोखड़ियनपुरवा निवासी रामू वर्मा के साथ दस वर्ष पूर्व हुआ था। उसके दामाद का अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध चल रहा था। इसी को लेकर बेटी व दामाद मेें आए दिन झगड़ा होता रहता था। पिता सियाराम ने बताया कि 19 अप्रैल, 2014 को दामाद रामू, जेठ बाबूलाल, बाबूलाल की पत्नी गुनगुना व उसके बेटे विक्रम ने कुल्हाड़ी, डंडा, फरसा आदि से उसकी बेटी की निर्मम हत्या कर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोपपत्र न्यायालय को प्रस्तुत किया था। डीजीसी क्रिमिनल मिश्रा ने बताया कि मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नितिन पांडेय के न्यायालय में चल रहा था।
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शुक्रवार को न्यायाधीश पांडेय ने बचाव व अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद पति रामू, जेठ बाबूलाल व बाबूलाल की पत्नी गुरगाना उर्फ प्रभावती को घटना मेें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले मेें न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को 25-25 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर सभी अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि घटना मेें विक्रम के नाबालिग होने के चलते उसके विरूद्ध आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया है।
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