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ड्रिप सिंचाई द्वारा खेती में आई कम लागत
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बहराइच। बारापत्थर गांव निवासी प्रगतिशील किसान के खेत में केले की खेती का बुधवार को जिला उद्यान अधिकारी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि फसल की सिंचाई ड्रिप पद्धति से की गई है जिससे कम लागत आई है। चित्तौरा विकास खंड अंतर्गत बारापत्थर गांव निवासी मोहम्मद अजमल प्रगतिशील किसान हैं। उन्होंने दो हेक्टेयर में केला टिश्यू कल्चर प्रजाति की बोआई की है। बारिश होने के चलते खेत में पानी भर गया है जिसका निरीक्षण बुधवार को जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने किया। निरीक्षण के दौरान जानकारी हुई कि वर्तमान सत्र में बिक्री के लिए केले की कटाई की जा रही है।
साथ ही किसान द्वारा फसल की सिंचाई ड्रिप पद्धति से की गई है जिससे खेती में कम लागत आई है। आवश्यक पोषक तत्वों व सूक्ष्म कृषि रक्षा रसायनों के प्रयोग से गुणवत्ता में वृद्धि दर्ज की गई। निरीक्षण के दौरान किसान ने बताया कि इस वर्ष भी केले के पौधों का रोपण किया गया है जिससे वर्षा के कारण खेत में पानी भर गया है, लेकिन पानी दो से तीन दिन में सूख जाएगा। रोपण बेड पर फसल लगाने से नुकसान की कोई संभावना नहीं है।
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साथ ही किसान द्वारा फसल की सिंचाई ड्रिप पद्धति से की गई है जिससे खेती में कम लागत आई है। आवश्यक पोषक तत्वों व सूक्ष्म कृषि रक्षा रसायनों के प्रयोग से गुणवत्ता में वृद्धि दर्ज की गई। निरीक्षण के दौरान किसान ने बताया कि इस वर्ष भी केले के पौधों का रोपण किया गया है जिससे वर्षा के कारण खेत में पानी भर गया है, लेकिन पानी दो से तीन दिन में सूख जाएगा। रोपण बेड पर फसल लगाने से नुकसान की कोई संभावना नहीं है।
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