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साइट बंद, अनुदान योजना के लिए भटक रहे किसान
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बहराइच। महत्वाकांक्षी जनपद में शामिल बहराइच में कृषि यंत्र अनुदान योजना का हाल बदहाल है। कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। साइट बंद होने से किसान आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों को भी कितने आवेदन हुए इसकी सही जानकारी नहीं है। ऐसे में किसानों के लिए सरकार की ओर से चलाई गई यह योजना कैसे परवान चढ़ेगी?
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से महत्वाकांक्षी जनपदों में खेती किसानी के विकास के लिए तमाम प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को कम लागत में अच्छा उत्पादन पाने के लिए नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार की ओर से चलाई जा रही कृषि यंत्र अनुदान योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। किसान राम धीरज, बनवारी, देवेंद्र ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए कृषि विभाग के यूपी एग्रीकल्चर डॉट कॉम पर आनलाइन पंजीकरण कराना होता है,लेकिन तकनीकी कारणों से साइट बंद है।ऐसे में आवेदन कैसे किया जाए। अधिकारी भी सही से साइट के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि कृषि यंत्र अनुदान योजना के लिए विभाग की वेबसाइट यूपी एग्रीकल्चर डॉट कॉम (गूगल पर) जाकर सबसे पहले आधार कार्ड,बैंक पासबुक, किसान सम्मान निधि की पंजीकरण संख्या व मोबाइल नंबर अपलोड कर टोकन जेनरेट किया जाता है। उसकी प्रिंट निकालकर टोकन में अंकित निर्धारित धनराशि बैंक जमा करना होता है। उसके बाद यंत्र खरीदकर बिल ,बाउचर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद सत्यापन होता है। सत्यापन के बाद निर्धारित अनुदान की धनराशि किसान को दी जाती है।
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कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत 32 प्रकार के यंत्रों पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। इनमें ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल व रोटावेटर समेत अन्य यंत्र शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो सभी यंत्रों के लिए सामान्य वर्ग के लिए भौतिक लक्ष्य 190 व अनुसूचित जाति के लिए 123 का लक्ष्य निर्धारित है।
‘तकनीकी कारणों से ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट बंद कर दी गई है। कितने आवेदन हुए हैं। लक्ष्य पूरा है कि नहीं इसके बारे में कार्यालय पहुंचकर ही जानकारी दे पाऊंगा। आनलाइन आवेदन के बाद ही योजना का लाभ मिलेगा। अन्य सभी योजनाओं का लाभ सरकार की मंशा के अनुरूप दिया जा रहा है।’
- टीपी शाही, उप कृषि निदेशक, बहराइच
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केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से महत्वाकांक्षी जनपदों में खेती किसानी के विकास के लिए तमाम प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को कम लागत में अच्छा उत्पादन पाने के लिए नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार की ओर से चलाई जा रही कृषि यंत्र अनुदान योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। किसान राम धीरज, बनवारी, देवेंद्र ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए कृषि विभाग के यूपी एग्रीकल्चर डॉट कॉम पर आनलाइन पंजीकरण कराना होता है,लेकिन तकनीकी कारणों से साइट बंद है।ऐसे में आवेदन कैसे किया जाए। अधिकारी भी सही से साइट के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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उप कृषि निदेशक ने बताया कि कृषि यंत्र अनुदान योजना के लिए विभाग की वेबसाइट यूपी एग्रीकल्चर डॉट कॉम (गूगल पर) जाकर सबसे पहले आधार कार्ड,बैंक पासबुक, किसान सम्मान निधि की पंजीकरण संख्या व मोबाइल नंबर अपलोड कर टोकन जेनरेट किया जाता है। उसकी प्रिंट निकालकर टोकन में अंकित निर्धारित धनराशि बैंक जमा करना होता है। उसके बाद यंत्र खरीदकर बिल ,बाउचर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद सत्यापन होता है। सत्यापन के बाद निर्धारित अनुदान की धनराशि किसान को दी जाती है।
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कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत 32 प्रकार के यंत्रों पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। इनमें ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल व रोटावेटर समेत अन्य यंत्र शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो सभी यंत्रों के लिए सामान्य वर्ग के लिए भौतिक लक्ष्य 190 व अनुसूचित जाति के लिए 123 का लक्ष्य निर्धारित है।
‘तकनीकी कारणों से ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट बंद कर दी गई है। कितने आवेदन हुए हैं। लक्ष्य पूरा है कि नहीं इसके बारे में कार्यालय पहुंचकर ही जानकारी दे पाऊंगा। आनलाइन आवेदन के बाद ही योजना का लाभ मिलेगा। अन्य सभी योजनाओं का लाभ सरकार की मंशा के अनुरूप दिया जा रहा है।’
- टीपी शाही, उप कृषि निदेशक, बहराइच