बहराइच। कोरोना संक्रमण के थमते ही पांच माह बाद मंगलवार को जूनियर विद्यालय के द्वार बच्चों के लिए खुल गए। सुबह विद्यालय खुलते ही रौनक छाई रही। बारिश के कारण बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन उनके अंदर उत्साह ज्यादा रहा। अपनों से मिलते ही छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराते हुए पढ़ाई शुरू कराई गई। विद्यालय में प्रवेश से पहले सिर से लेकर पैर तक बच्चों को सैनिटाइज किया गया। बच्चों की संख्या कम होने के कारण एक ही पाली में क्लास चलाई गई।
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद सरकार ने 23 अगस्त से जूनियर विद्यालय को खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद राष्ट्रीय शोक घोषित कर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया था। जिसके चलते मंगलवार को विद्यालय खुला। सुबह से ही हो रही बारिश के कारण बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन जितने भी बच्चें स्कूल आए। उनके अंदर उत्साह बहुत अधिक रहा। विद्यालय में प्रवेश होते ही बच्चों के माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया और सोशल डिस्टेसिंग के साथ क्लास में बैठाया गया। पहले दिन की पढ़ाई बच्चों ने काफी उत्साह के साथ शुरू की। पांच माह बाद अपने दोस्तों से मुलाकात हुई तो सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। डीआईओएस डॉ. चंद्रपाल व बीएसए अजय कुमार ने बताया कि बारिश के कारण पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन अब धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ेगी। कई विद्यालयों का निरीक्षण कर कोरोना प्रोटोकाल के पालन की हकीकत परखी गई। विद्यालय में व्यवस्थाएं ठीक मिली।