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जिंदा गोवंश को दफनाने की थी तैयारी, वीडीओ निलंबित
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फखरपुर (बहराइच)। परसेंडी स्थित गोशाला की हालत काफी दयनीय है यह सच तो शायद ही किसी से छिपा हो लेकिन अब एक वीभत्स सच सामने आया है। हिंदू संगठन के लोगों ने गोशाला का निरीक्षण कर वीडियो बनाया तो यह चौंकाने वाली बात सामने आई। यहां मृत मवेशियों को दफनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में एक बीमार जीवित मवेशी को भी डाल दिया गया। इसे पाटा जाता इससे पहले ही संगठन के लोग पहुंच गए। जिलाधिकारी ने मामले की जांच सीवीओ से कराई। जांच रिपोर्ट मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारी कुंडासर के विरुद्ध विभागीय जांच के लिए शासन को पत्र लिखा है। इससे अधिकारियों में हड़कंप है।
कैसरगंज तहसील अंतर्गत परसेंडी में गो आश्रय स्थल स्थित है। यहां पर क्षेत्र के छुट्टा मवेशियों को बांधा जाता है। कई दिनों से आश्रय स्थल में मवेशियों का इलाज न होने और जीवित को मृत बताकर दफनाने की सूचना मिल रही थी। इस पर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल व गोरक्षा समिति के पदाधिकारी पहुंचे। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह व बजरंग दल के सहसंयोजक शुभम तिवारी के साथ संतोष कुमार, अमर शुक्ला, शिवदयाल, विमल मौर्या, नैतिक मौर्या, आलोक, मनीष और राममूरत यादव मौके पर पहुंचे। सभी ने गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही मौके का लाइव वीडियो बनाया। परिसर में कई मृत मवेशी गड्ढे में पड़े मिले।
इनके बीच ही एक बीमार व जीवित मवेशी भी पड़ा था। गड्ढा पाटा जाता इससे पहले ही पोल खुल गई। गो आश्रय स्थल का वीडियो कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को भेजा। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीवीओ डॉ. बलवंत सिंह से जांच करवाई। जांच में अधिकारियों को सूचना देने में शिथिलिता बरतने पर जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। खंड विकास अधिकारी कैसरगंज और पशु चिकित्साधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिलाधिकारी ने अन्य भ्रामक तथ्यों का खंडन किया है। डीएम की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, दूसरी तरफ सीवीओ का कहना है कि गड्ढे में एक बछड़ा गिर गया था जिसे लेकर भ्रम हो गया। हालांकि, यह बात शायद ही किसी के गले उतरे गिरने के बाद बछड़ा आराम से उठकर जा सकता था क्योंकि गड्ढा गहरा नहीं था।
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हिंदू सगंठन के विभिन्न कार्यकर्ता व पदाधिकारी क्षेत्रीय पुलिस को साथ लेकर गए। सभी ने बताया कि गो आश्रय स्थल की स्थिति काफी दयनीय है जिससे मवेशियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा है। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान, वीडीओ समेत अन्य लोगों के खिलाफ फखरपुर थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कैसरगंज तहसील अंतर्गत परसेंडी में गो आश्रय स्थल स्थित है। यहां पर क्षेत्र के छुट्टा मवेशियों को बांधा जाता है। कई दिनों से आश्रय स्थल में मवेशियों का इलाज न होने और जीवित को मृत बताकर दफनाने की सूचना मिल रही थी। इस पर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल व गोरक्षा समिति के पदाधिकारी पहुंचे। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह व बजरंग दल के सहसंयोजक शुभम तिवारी के साथ संतोष कुमार, अमर शुक्ला, शिवदयाल, विमल मौर्या, नैतिक मौर्या, आलोक, मनीष और राममूरत यादव मौके पर पहुंचे। सभी ने गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही मौके का लाइव वीडियो बनाया। परिसर में कई मृत मवेशी गड्ढे में पड़े मिले।
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इनके बीच ही एक बीमार व जीवित मवेशी भी पड़ा था। गड्ढा पाटा जाता इससे पहले ही पोल खुल गई। गो आश्रय स्थल का वीडियो कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को भेजा। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीवीओ डॉ. बलवंत सिंह से जांच करवाई। जांच में अधिकारियों को सूचना देने में शिथिलिता बरतने पर जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। खंड विकास अधिकारी कैसरगंज और पशु चिकित्साधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिलाधिकारी ने अन्य भ्रामक तथ्यों का खंडन किया है। डीएम की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, दूसरी तरफ सीवीओ का कहना है कि गड्ढे में एक बछड़ा गिर गया था जिसे लेकर भ्रम हो गया। हालांकि, यह बात शायद ही किसी के गले उतरे गिरने के बाद बछड़ा आराम से उठकर जा सकता था क्योंकि गड्ढा गहरा नहीं था।
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हिंदू सगंठन के विभिन्न कार्यकर्ता व पदाधिकारी क्षेत्रीय पुलिस को साथ लेकर गए। सभी ने बताया कि गो आश्रय स्थल की स्थिति काफी दयनीय है जिससे मवेशियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा है। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान, वीडीओ समेत अन्य लोगों के खिलाफ फखरपुर थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।