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Bahraich News: पानी घटा, बाढ़ पीड़ितों की बढ़ी दुश्वारियां
Sun, 14 Jul 2024 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:20 AM IST
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बाढ़ पीढि़त
सरयू में घर गंवाने वाले 16 कटान पीड़ितो को प्रशासन ने दिया मुआवजा, बीमारी फैलने का खतरा
अब तक नदी में समा चुके 44 घर, खतरे के निशान से नीचे पहुंची सरयू
नानपारा,मिहींपुरवा, महसी व कैसरगंज तहसील के करीब 40 गांव है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर भले ही लगातार घट रहा हो लेकिन बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम नहीं हो रही है। प्रभावित इलाकों में अब संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बन गया है। जिले की चार तहसीलों मिहींपुरवा, नानपारा, कैसरगंज व महसी के करीब 40 गांव बाढ़ से ग्रसित हैं। अब तक नदी में 44 घर समा चुके हैं। शनिवार को 16 कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से आर्थिक मदद प्रदान की गई है। वहीं एसपी वृंदा शुक्ला ने मिहींपुवा तहसील के बाढ़ क्षेत्र में जाकर वहां के हालात का जायजा लिया।
नानपारा तहसील क्षेत्र के विकासखंड शिवपुर के पसियन पुरवा और दुजईपुरवा पुरवा गांव में नदी के कटान से प्रभावित हुए है। यहां अब तक 36 लोगों के घर कट चुके है। शनिवार को एसडीएम अश्वनी पांडेय व तहसीलदार अजय यादव यहां पहुंचे व कटान प्रभावित 16 मकान के गृह स्वामियों को एक लाख बीस रुपये प्रति मकान के हिसाब से उनके खाते में पैसे भेजे गये। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों से वार्ता कर उनके खाने- पीने व रहने की व्यवस्था कराई जा रही है। इन्हीं मजरों में लगभग 6 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। इसी तरह महसी तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव पिपरा, कोढवा, मुरौवा, कायमपुर, पिंपरी आदि गांव में पानी निकल गया है लेकिन लोगों को संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है। यहां पर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम से कोई नहीं पहुंचा है। इन गांवों के किसानों ने बारिश से पहले जो धान नर्सरी बोई थी वह असमय आई बाढ से पूरी तरह नष्ट हो गई है। एयडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने शनिवार को राजस्वकर्मियों के साथ बाढ प्रभावित गांव जाकर किसानों से बातचीत की उनकी समस्याओं को जाना और हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया।
अमर उजाला की खबर पर प्रशासन हरकत में आया
मिहींपुरवा तहसील में सरयू की बाढ़ को लेकर गांवों की समस्याओं की खबर अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गयी। बाढ की फोटो खबर मुख्य पृष्ठ पर छपी थी। जिसको शासन से संज्ञान में लेकर जिला प्रशासन को संबंधित क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जंगल गुलरिहा गांव के बाढ क्षेत्र का दौरा कर बाढ पीड़ितों के आंसू पोंछे है। वहीं सरयू नदी पुरैना, रघुनाथपुर गांव के पास कटान कर रही है। जिसका निरीक्षण शनिवार को बीडीओ ने किया और कटान में समाहित हुए घरों और खेतों के बारे में जानकारी ली।
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खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो गया है। शनिवार को शारदा बैराज से 138707 क्यूसेक, गिरजापुरी बैराज से 117776 क्यूसेक व सरयू बैराज से 4748 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से कुल 261231 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान नीचे है।
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अब तक नदी में समा चुके 44 घर, खतरे के निशान से नीचे पहुंची सरयू
नानपारा,मिहींपुरवा, महसी व कैसरगंज तहसील के करीब 40 गांव है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर भले ही लगातार घट रहा हो लेकिन बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम नहीं हो रही है। प्रभावित इलाकों में अब संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बन गया है। जिले की चार तहसीलों मिहींपुरवा, नानपारा, कैसरगंज व महसी के करीब 40 गांव बाढ़ से ग्रसित हैं। अब तक नदी में 44 घर समा चुके हैं। शनिवार को 16 कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से आर्थिक मदद प्रदान की गई है। वहीं एसपी वृंदा शुक्ला ने मिहींपुवा तहसील के बाढ़ क्षेत्र में जाकर वहां के हालात का जायजा लिया।
नानपारा तहसील क्षेत्र के विकासखंड शिवपुर के पसियन पुरवा और दुजईपुरवा पुरवा गांव में नदी के कटान से प्रभावित हुए है। यहां अब तक 36 लोगों के घर कट चुके है। शनिवार को एसडीएम अश्वनी पांडेय व तहसीलदार अजय यादव यहां पहुंचे व कटान प्रभावित 16 मकान के गृह स्वामियों को एक लाख बीस रुपये प्रति मकान के हिसाब से उनके खाते में पैसे भेजे गये। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों से वार्ता कर उनके खाने- पीने व रहने की व्यवस्था कराई जा रही है। इन्हीं मजरों में लगभग 6 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। इसी तरह महसी तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव पिपरा, कोढवा, मुरौवा, कायमपुर, पिंपरी आदि गांव में पानी निकल गया है लेकिन लोगों को संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है। यहां पर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम से कोई नहीं पहुंचा है। इन गांवों के किसानों ने बारिश से पहले जो धान नर्सरी बोई थी वह असमय आई बाढ से पूरी तरह नष्ट हो गई है। एयडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने शनिवार को राजस्वकर्मियों के साथ बाढ प्रभावित गांव जाकर किसानों से बातचीत की उनकी समस्याओं को जाना और हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया।
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अमर उजाला की खबर पर प्रशासन हरकत में आया
मिहींपुरवा तहसील में सरयू की बाढ़ को लेकर गांवों की समस्याओं की खबर अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गयी। बाढ की फोटो खबर मुख्य पृष्ठ पर छपी थी। जिसको शासन से संज्ञान में लेकर जिला प्रशासन को संबंधित क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जंगल गुलरिहा गांव के बाढ क्षेत्र का दौरा कर बाढ पीड़ितों के आंसू पोंछे है। वहीं सरयू नदी पुरैना, रघुनाथपुर गांव के पास कटान कर रही है। जिसका निरीक्षण शनिवार को बीडीओ ने किया और कटान में समाहित हुए घरों और खेतों के बारे में जानकारी ली।
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खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो गया है। शनिवार को शारदा बैराज से 138707 क्यूसेक, गिरजापुरी बैराज से 117776 क्यूसेक व सरयू बैराज से 4748 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से कुल 261231 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान नीचे है।