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Bahraich News: प्राचीन पांडुलिपियां और दुर्लभ अभिलेख किए जाएंगे संरक्षित
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बहराइच। समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ शुरू किया गया है। इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण किया जाएगा।
विकास भवन सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक में सीडीओ मुकेश चंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत जनपद के निजी एवं सरकारी पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों, संस्कृत पाठशालाओं, मंदिरों, मठों, आश्रमों और ट्रस्टों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इस दौरान सभी पांडुलिपियों को ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ एप के माध्यम से सूचीबद्ध किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के अध्यापक, इतिहास एवं पुरातत्व विषय के शिक्षक, पुस्तकालय एवं संग्रहालय के अधिकारी, खंड विकास कार्यालय के कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, एनएसएस एवं एनसीसी के स्वयंसेवक तथा आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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बैठक में सीडीओ ने अधिकारियों को मई 2026 तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन से अपील की कि यदि उनके पास कोई पांडुलिपि सुरक्षित हो तो जिला विकास अधिकारी कार्यालय को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों के सूचीकरण से उनके स्वामित्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, जिला सूचना एवं पर्यटन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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विकास भवन सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक में सीडीओ मुकेश चंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत जनपद के निजी एवं सरकारी पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों, संस्कृत पाठशालाओं, मंदिरों, मठों, आश्रमों और ट्रस्टों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इस दौरान सभी पांडुलिपियों को ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ एप के माध्यम से सूचीबद्ध किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इस अभियान में संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के अध्यापक, इतिहास एवं पुरातत्व विषय के शिक्षक, पुस्तकालय एवं संग्रहालय के अधिकारी, खंड विकास कार्यालय के कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, एनएसएस एवं एनसीसी के स्वयंसेवक तथा आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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बैठक में सीडीओ ने अधिकारियों को मई 2026 तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन से अपील की कि यदि उनके पास कोई पांडुलिपि सुरक्षित हो तो जिला विकास अधिकारी कार्यालय को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों के सूचीकरण से उनके स्वामित्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, जिला सूचना एवं पर्यटन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।