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इलाहाबाद बैक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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बहराइच। इलाहाबाद बैंक के मंडलीय कार्यालय पर सोमवार को इलाहाबाद बैंक बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में बैंककर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने बैंक के विलय पर गहरी नाराजगी जताते हुये केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मोर्चा के संयोजक विजय शंकर दीक्षित ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं को सफल बनाने में इलाहाबाद बैंक ने हमेशा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई है। बावजूद इसके सरकार 155 वर्ष पुराने पूर्वी भारत के सबसे बड़े बैंक का दक्षिण भारत के छोटे बैंक में विलय कर धोखा देने का कार्य किया है।
कर्मचारी वर्ग के नेता लालजी जायसवाल ने कहा कि 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ पूरे देश में विरोध शुरू हो गया है। बैंकों का विलय धोखा है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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कर्मचारी नेता ने कहा कि सरकार अगर शीघ्र ही मांगों पर विचार नहीं करेगी तो सभी नवंबर के दूसरे सप्ताह में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। धरने के दौरान बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार के निर्णय को तानाशाही करार देते हुये उसकी कड़े शब्दों में निंदा की। इस मौके पर प्रदेश सचिव रामनाथ शुक्ला, अमनराज, पवन गुप्ता, विद्याभूषण वर्मा, संतोष तिवारी, गौरव सेठ, दिनेश कुमार, अफरोज आलम व पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।
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मोर्चा के संयोजक विजय शंकर दीक्षित ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं को सफल बनाने में इलाहाबाद बैंक ने हमेशा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई है। बावजूद इसके सरकार 155 वर्ष पुराने पूर्वी भारत के सबसे बड़े बैंक का दक्षिण भारत के छोटे बैंक में विलय कर धोखा देने का कार्य किया है।
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कर्मचारी वर्ग के नेता लालजी जायसवाल ने कहा कि 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ पूरे देश में विरोध शुरू हो गया है। बैंकों का विलय धोखा है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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कर्मचारी नेता ने कहा कि सरकार अगर शीघ्र ही मांगों पर विचार नहीं करेगी तो सभी नवंबर के दूसरे सप्ताह में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। धरने के दौरान बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार के निर्णय को तानाशाही करार देते हुये उसकी कड़े शब्दों में निंदा की। इस मौके पर प्रदेश सचिव रामनाथ शुक्ला, अमनराज, पवन गुप्ता, विद्याभूषण वर्मा, संतोष तिवारी, गौरव सेठ, दिनेश कुमार, अफरोज आलम व पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।