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नेपाल के पहाड़ों पर बारिश से बहराइच में अलर्ट
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महसी तहसील के रानीबाग गांव में घुसा घाघरा नदी का पानी।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से वहां की नदियां उफना गई हैं, जिसके चलते नेपाल प्रशासन की भी मुसीबत बढ़ गई है। वहीं, नेपाल की नदियों से भारतीय इलाके में पानी छोड़े जाने की सूचना दी गई है। इसके साथ ही बहराइच में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
उधर, घाघरा नदी में सोमवार को पानी पहुंचने की संभावना है, जिससे मोतीपुर, नानपारा व महसी तहसील में पानी पहुंचने के बाद सबसे अधिक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं, रविवार को घाघरा का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी से सटे आठ गांव पानी से घिर गए हैं। कुछ गांवों के अंदर भी पानी घुस गया है। गांवों में पानी भरने से लोगों की दिनचर्या भी अस्तव्यस्त हो गई है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों पर लगातार तेज बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के कारण नेपाल की कर्णाली, नारायनी, बनबसा आदि नदियां उफान पर आ गई हैं। नेपाल में बरसात का पानी रोके जाने की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण नेपाल का पानी बहराइच की नदियों में बैराजों से छोड़ दिया जा रहा है।
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शारदा, बनबसा, गोपिया और गिरिजापुरी बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी जिले की नदियों में छोड़ा जा चुका है। शनिवार को छोड़ा गया पानी रविवार को घाघरा और सरयू नदी में पहुंचा है। वहीं नेपाल में लगातार हो रही तेज बरसात को देखते हुए और पानी छोड़े जाने की आशंका जतायी गयी है।
नेपाल प्रशासन की ओर से नदियों में पानी छोड़े जाने को लेकर बहराइच के जिला प्रशासन को अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। पहाड़ी इलाकों से देर रात और भी पानी छोड़े जाने की संभावना है, जिसके बाद घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ सकता है।
वहीं, घाघरा नदी में अभी तक पहुंचे पानी के कारण जलस्तर में कुछ इजाफा हुआ है, जिससे कैसरगंज तहसील क्षेत्र के भिरगूपुरवा, मंझारा तौकली, चमरौटी, बलराजपुरवा, रोहितपुरवा, गुलाबसिंहपुरवा, महावीरपुरवा आदि गांव पानी से घिर गए हैं। भिरगूपुरवा व चमरौटी गांव में नदी तेज कटान भी कर रही है।
महसी तहसील के रानीबाग, कोढ़वा, पिपरा आदि गांवों में भी बाढ़ के पानी से लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। कटान के कारण लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं।
बारिश का मिला है अलर्ट
प्रशासनिक कार्य के कारण मैं हाईकोर्ट में आया हुआ हूं। जनपद में नेपाल से पानी छोड़े जाने का अलर्ट जारी होने की सूचना अभी मेरे पास नहीं है। हालांकि शाम 5.45 बजे तक तेज बारिश का अलर्ट जरूर मिला था। लौटकर मामले की जानकारी ली जाएगी। बाढ़ के पानी से ग्रामीणों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
- जयचंद पांडेय, एडीएम
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उधर, घाघरा नदी में सोमवार को पानी पहुंचने की संभावना है, जिससे मोतीपुर, नानपारा व महसी तहसील में पानी पहुंचने के बाद सबसे अधिक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं, रविवार को घाघरा का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी से सटे आठ गांव पानी से घिर गए हैं। कुछ गांवों के अंदर भी पानी घुस गया है। गांवों में पानी भरने से लोगों की दिनचर्या भी अस्तव्यस्त हो गई है।
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों पर लगातार तेज बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के कारण नेपाल की कर्णाली, नारायनी, बनबसा आदि नदियां उफान पर आ गई हैं। नेपाल में बरसात का पानी रोके जाने की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण नेपाल का पानी बहराइच की नदियों में बैराजों से छोड़ दिया जा रहा है।
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शारदा, बनबसा, गोपिया और गिरिजापुरी बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी जिले की नदियों में छोड़ा जा चुका है। शनिवार को छोड़ा गया पानी रविवार को घाघरा और सरयू नदी में पहुंचा है। वहीं नेपाल में लगातार हो रही तेज बरसात को देखते हुए और पानी छोड़े जाने की आशंका जतायी गयी है।
नेपाल प्रशासन की ओर से नदियों में पानी छोड़े जाने को लेकर बहराइच के जिला प्रशासन को अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। पहाड़ी इलाकों से देर रात और भी पानी छोड़े जाने की संभावना है, जिसके बाद घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ सकता है।
वहीं, घाघरा नदी में अभी तक पहुंचे पानी के कारण जलस्तर में कुछ इजाफा हुआ है, जिससे कैसरगंज तहसील क्षेत्र के भिरगूपुरवा, मंझारा तौकली, चमरौटी, बलराजपुरवा, रोहितपुरवा, गुलाबसिंहपुरवा, महावीरपुरवा आदि गांव पानी से घिर गए हैं। भिरगूपुरवा व चमरौटी गांव में नदी तेज कटान भी कर रही है।
महसी तहसील के रानीबाग, कोढ़वा, पिपरा आदि गांवों में भी बाढ़ के पानी से लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। कटान के कारण लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं।
बारिश का मिला है अलर्ट
प्रशासनिक कार्य के कारण मैं हाईकोर्ट में आया हुआ हूं। जनपद में नेपाल से पानी छोड़े जाने का अलर्ट जारी होने की सूचना अभी मेरे पास नहीं है। हालांकि शाम 5.45 बजे तक तेज बारिश का अलर्ट जरूर मिला था। लौटकर मामले की जानकारी ली जाएगी। बाढ़ के पानी से ग्रामीणों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
- जयचंद पांडेय, एडीएम