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मांगें मंगवाने को पानी टंकी पर चढ़ीं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 15 Jun 2015 10:25 PM IST
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बीएलओ की ड्यूटी लगाए जाने और अन्य लंबित समस्याओं को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां भड़क उठीं। पानी टंकी चौराहे पर इकट्ठा हुईं 14 ब्लॉकों की कार्यकर्त्रियों ने चौराहे पर जाम लगाकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इसी बीच तेज धूप से नौ कार्यकर्त्रियां बेहोश हो गईं, जिससे अफरातफरी मच गई। ये खबर पाकर पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और कार्यकर्त्रियों को आश्वासन दिया। लेकिन, इसी बीच एडीएम ने सबकी गिरफ्तारी का आदेश सुना दिया। इससे भड़कीं कुछ कार्यकर्त्रियां आत्महत्या की धमकी देते हुए पानी टंकी पर चढ़ गईं। किसी तरह सभी को समझाकर नीचे उतारा गया। शाम 6:30 बजे के आसपास जब अधिकारियों ने मांगों पर विचार करने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी तब आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन के कारण करीब साढ़े सात घंटे शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई रही।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की ड्यूटी आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के अलावा समाजवादी पेंशन सत्यापन, राशनकार्ड सत्यापन, मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए बीएलओ के रूप में लगाई जा रही है। इसके अलावा कार्यकर्त्रियों की पहले की मांगें भी पूरी नहीं की गई हैं। इसी के चलते सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे के आसपास सैकड़ों कार्यकर्त्रियां विकास भवन पर इकट्ठा हो गईं। यहां एक घंटे तक प्रदर्शन चला लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इससे गुस्साईं कार्यकर्त्रियां 12 बजे के आसपास जिलाध्यक्ष सुनीता आर्या की अगुवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर पानी टंकी के पास पहुंच गईं। सभी ने मार्ग जाम कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहराइच, लखनऊ, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती की ओर जाने वाले वाहनों की दोनों ओर कतारें लग गईं। शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। इसकी सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट बच्चेलाल, सीओ सिटी अनूप कुमार, सीओ रिसिया अकमल खान, मुख्य राजस्व अधिकारी यूएस उपाध्याय, डीपीओ मनोज कुमार, डीपीआरओ एके सिंह और शहर के तीनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सभी लिखित आदेश मांग रही थीं कि उनकी ड्यूटी गैर विभागीय कार्यों में न लगाई जाए। इसके अलावा लंबित समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण हो और उत्पीड़न बंद करने की भी मांग कर रही थीं।
वार्ता के दौरान तेज धूप से प्रदर्शन कर रही नौ कार्यकर्त्रियां एक-एक कर बेहोश हो गईं, जिससे अफरा तफरी मच गई। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कार्यकर्त्रियों के बेहोश होने से अन्य कार्यकर्त्रियां और उग्र हो गईं, जिस पर अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने गिरफ्तारी का फरमान सुना दिया। इससे गुस्साईं कार्यकर्त्रियां पानी टंकी पर चढ़ गईं। सभी ड्यूटी न काटने और लिखित आश्वासन न मिलने तक प्रदर्शन पर अड़ गईं। कार्यकर्त्रियों को समझा बुझाकर आधे घंटे बाद उतारा जा सका।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की ड्यूटी आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के अलावा समाजवादी पेंशन सत्यापन, राशनकार्ड सत्यापन, मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए बीएलओ के रूप में लगाई जा रही है। इसके अलावा कार्यकर्त्रियों की पहले की मांगें भी पूरी नहीं की गई हैं। इसी के चलते सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे के आसपास सैकड़ों कार्यकर्त्रियां विकास भवन पर इकट्ठा हो गईं। यहां एक घंटे तक प्रदर्शन चला लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इससे गुस्साईं कार्यकर्त्रियां 12 बजे के आसपास जिलाध्यक्ष सुनीता आर्या की अगुवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर पानी टंकी के पास पहुंच गईं। सभी ने मार्ग जाम कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहराइच, लखनऊ, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती की ओर जाने वाले वाहनों की दोनों ओर कतारें लग गईं। शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। इसकी सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट बच्चेलाल, सीओ सिटी अनूप कुमार, सीओ रिसिया अकमल खान, मुख्य राजस्व अधिकारी यूएस उपाध्याय, डीपीओ मनोज कुमार, डीपीआरओ एके सिंह और शहर के तीनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सभी लिखित आदेश मांग रही थीं कि उनकी ड्यूटी गैर विभागीय कार्यों में न लगाई जाए। इसके अलावा लंबित समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण हो और उत्पीड़न बंद करने की भी मांग कर रही थीं।
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वार्ता के दौरान तेज धूप से प्रदर्शन कर रही नौ कार्यकर्त्रियां एक-एक कर बेहोश हो गईं, जिससे अफरा तफरी मच गई। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कार्यकर्त्रियों के बेहोश होने से अन्य कार्यकर्त्रियां और उग्र हो गईं, जिस पर अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने गिरफ्तारी का फरमान सुना दिया। इससे गुस्साईं कार्यकर्त्रियां पानी टंकी पर चढ़ गईं। सभी ड्यूटी न काटने और लिखित आश्वासन न मिलने तक प्रदर्शन पर अड़ गईं। कार्यकर्त्रियों को समझा बुझाकर आधे घंटे बाद उतारा जा सका।
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