{"_id":"131-88522","slug":"Bahraich-88522-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागपुर से मुक्त हुए किशोरों ने दर्ज कराई रिपोर्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागपुर से मुक्त हुए किशोरों ने दर्ज कराई रिपोर्ट
Bahraich
Updated Fri, 14 Nov 2014 05:30 AM IST
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बहराइच। महाराष्ट्र के नागपुर और मुंबई से मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों ने बुधवार रात अंतत: पुलिस को तहरीर दी, जिस पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। चाइल्ड लाइन के निदेशक ने बताया कि मुक्त हुए किशोर और युवाओं को तीन दिन से सुलह करने की धमकी दी जा रही थी। चाइल्ड लाइन निदेशक को भी एक नेत्री ने फोन करके धमकाया। इस मामले में निदेशक ने उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत टोर्री गांव निवासी 18 किशोर और युवाओं को गोंडा के तीन ठेकेदार बहला फुसलाकर महाराष्ट्र ले गए थे। वहां दफ्ती फैक्ट्री में सभी को बंधक बनाकर रखा गया था। फैक्ट्री से भागकर आए रामसंवारे नामक किशोर ने पूरे मामले का खुलासा किया था। इसके बाद सक्रिय हुई चाइल्ड लाइन और पुलिस टीम ने नागपुर और मुंबई की फैक्ट्री में बंधक बने किशोर और युवाओं को मुक्त कराया था। मुक्त हुए श्रमिकों के बहराइच पहुंचने के पांच दिन बाद भी वे तहरीर नहीं दे रहे थे। बुधवार शाम चाइल्ड लाइन के निदेशक डॉ. जीतेंद्र चतुर्वेदी और बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट ओंकारनाथ दीक्षित टोर्री गांव पहुंचे तब पता चला कि शहर की एक सपा नेत्री किशोर और युवाओं को घर पर बुलाकर मुकदमा न दर्ज कराने के लिए धमका रही है। वह सुलह का दबाव बना रही थी।
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दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत टोर्री गांव निवासी 18 किशोर और युवाओं को गोंडा के तीन ठेकेदार बहला फुसलाकर महाराष्ट्र ले गए थे। वहां दफ्ती फैक्ट्री में सभी को बंधक बनाकर रखा गया था। फैक्ट्री से भागकर आए रामसंवारे नामक किशोर ने पूरे मामले का खुलासा किया था। इसके बाद सक्रिय हुई चाइल्ड लाइन और पुलिस टीम ने नागपुर और मुंबई की फैक्ट्री में बंधक बने किशोर और युवाओं को मुक्त कराया था। मुक्त हुए श्रमिकों के बहराइच पहुंचने के पांच दिन बाद भी वे तहरीर नहीं दे रहे थे। बुधवार शाम चाइल्ड लाइन के निदेशक डॉ. जीतेंद्र चतुर्वेदी और बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट ओंकारनाथ दीक्षित टोर्री गांव पहुंचे तब पता चला कि शहर की एक सपा नेत्री किशोर और युवाओं को घर पर बुलाकर मुकदमा न दर्ज कराने के लिए धमका रही है। वह सुलह का दबाव बना रही थी।
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