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रिसाव से लक्ष्मनपुर माइनर तीन जगह कटी
Bahraich
Updated Tue, 24 Dec 2013 05:44 AM IST
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बाबागंज (बहराइच)। लक्ष्मनपुर माइनर में रिसाव के चलते तीन स्थानों पर शनिवार शाम माइनर की पटरी कट गई। इससे 40 किसानों के 100 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों और किसानों ने इसकी सूचना अवर अभियंता को दी लेकिन वह नहीं पहुंचे। इस पर किसानों ने स्वयं ही नहर पटरी पर मिट्टी पाटकर कटान दुरुस्त किया।
नानपारा तहसील अंतर्गत विकासखंड नवाबगंज में खेतों की सिंचाई के लिए चौधरी चरण सिंह सरयू पंप नहर द्वारा लक्ष्मनपुर माइनर का संचालन होता है। पखवारे भर से माइनर में पानी चलाया जा रहा है। माइनर कई जगह क्षतिग्रस्त होने के चलते तीन दिन से रिसाव हो रहा था। इस खबर का प्रकाशन शनिवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से किया था। इसके बावजूद सरयू नहर खंड तीन के अभियंताओं ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा रहा कि शनिवार शाम नहर पटरी वीरपुर, सोरहिया और तंजौर गांव के पास कट गई। नहर पटरी कटने से खेतों में पानी भरने लगा। वीरपुर निवासी रामनिवास, सुखराम, रामबरन, बच्चूलाल, कौशल, रामशंकर, मनोज, बदलू, लालमन समेत 40 ग्रामीणों की 100 बीघा खेती योग्य जमीन जलमग्न हो गई है। इन ग्रामीणों ने हाल ही में गेहूं की बोवाई की थी, ऐसे में फसल की सुरक्षा पर संकट उत्पन्न हो गया है। रामनिवास और सुखराम ने बताया कि नहर पटरी कटने की सूचना सरयू नहर खंड तीन के अवर अभियंता सरोज कुमार को मोबाइल से दी गई तो उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंच पाने में असमर्थता जताई। इश ाकरण गांव के लोगों की मदद से किसी तरह कटी हुई नहर की पटरी को दुरुस्त किया गया है।
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नानपारा तहसील अंतर्गत विकासखंड नवाबगंज में खेतों की सिंचाई के लिए चौधरी चरण सिंह सरयू पंप नहर द्वारा लक्ष्मनपुर माइनर का संचालन होता है। पखवारे भर से माइनर में पानी चलाया जा रहा है। माइनर कई जगह क्षतिग्रस्त होने के चलते तीन दिन से रिसाव हो रहा था। इस खबर का प्रकाशन शनिवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से किया था। इसके बावजूद सरयू नहर खंड तीन के अभियंताओं ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा रहा कि शनिवार शाम नहर पटरी वीरपुर, सोरहिया और तंजौर गांव के पास कट गई। नहर पटरी कटने से खेतों में पानी भरने लगा। वीरपुर निवासी रामनिवास, सुखराम, रामबरन, बच्चूलाल, कौशल, रामशंकर, मनोज, बदलू, लालमन समेत 40 ग्रामीणों की 100 बीघा खेती योग्य जमीन जलमग्न हो गई है। इन ग्रामीणों ने हाल ही में गेहूं की बोवाई की थी, ऐसे में फसल की सुरक्षा पर संकट उत्पन्न हो गया है। रामनिवास और सुखराम ने बताया कि नहर पटरी कटने की सूचना सरयू नहर खंड तीन के अवर अभियंता सरोज कुमार को मोबाइल से दी गई तो उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंच पाने में असमर्थता जताई। इश ाकरण गांव के लोगों की मदद से किसी तरह कटी हुई नहर की पटरी को दुरुस्त किया गया है।
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