फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   प्रिंटिंग व सामान खरीद में बंदरबांट

प्रिंटिंग व सामान खरीद में बंदरबांट

Wed, 09 Oct 2013 05:38 AM IST
Bahraich
Bahraich Updated Wed, 09 Oct 2013 05:38 AM IST
विज्ञापन
बहराइच। स्वयं सहायता समूह योजना के तहत वर्ष 2001 में बिना टेंडर के ही सामान खरीद लिए गए। अभिलेखों की प्रिंटिंग का काम भी मनमाने तरीके से दिया गया। लगभग 20 लाख रुपये का गोलमाल किया गया था। सरकार ने मामले की जांच वर्ष 2007 में ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने पूर्व में ही दो अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। अब कार्यालय के ही आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों व लिपिकों को भी नोटिस जारी किया गया है, जिससे कार्यालय में हड़कंप मचा है। इसमें गोंडा व बहराइच की एक-एक संस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन

स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाता रहा है। वर्ष 2001 में स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए विभाग की ओर से प्रिंटिंग व सामान खरीदने का काम किया गया था। इसमें विभिन्न अभिलेखों की छपाई और पेन, पेंसिल, बैग आदि की खरीद का काम हुआ था, जिसे बिना टेंडर निकाले ही विभाग ने पंचायत उद्योग केंद्र बहराइच और केंद्रीय उपभोक्ता भंडार गोंडा को दे दिया था। इसमें सिर्फ इन संस्थाओं से सामान व छपाई की दर ही ली गई थी। काम देने के बाद भुगतान भी विभाग ने संस्थाओं को कर दिया था। मामला वर्ष 2007 में सामने आने पर शासन ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) को सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद विभाग से सभी अभिलेख तलब किए हैं। ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट लगाते हुए एक बहराइच के एपीडी, तीन लिपिक समेत छह लोगों को डेढ़ माह पूर्व नोटिस भी जारी किया है। नोटिस मिलने के बाद से विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा है।
विज्ञापन

इन पर दर्ज हुई एफआईआर
सामान खरीद व छपाई के काम में हुए घपले के मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से पूर्व परियोजना निदेशक एबी सिंह व पूर्व मुख्य विकास अधिकारी विष्णु स्वरूप मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि दोनों अधिकारियों ने गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मांगे थे अभिलेख, भेज दिए : पीडी
परियोजना निदेशक प्रद्युम्न कुमार यादव ने बताया कि शासन की ओर से अभिलेख मांगे गए थे। शायद चार्जशीट लगाई जानी थी, जिसके बाद संबंधित कार्यों के अभिलेख भेज दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इससे अधिक जानकारी उन्हें नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed