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एफआईआर के विरोध में ग्राम प्रधानों का प्रदर्शन
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:04 PM IST
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मिहींपुरवा/मोतीपुर। अमृतपुर पुरैना गांव के ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी समेत तीन पर दर्ज धोखाधड़ी का मुकदमा तूल पकड़ता जा रहा है।
ब्लॉक कार्यालय में ग्राम प्रधानों का चल रहा अनिश्चितकालीन धरने को शनिवार को ब्लॉक प्रमुख ने भी समर्थन दिया। धरने में विकासखंड की महिलाएं भी पहुंची।
ग्राम प्रधानों ने एक स्वर से मांग किया कि प्रसाधन व आवास की धनराशि ग्राम प्रधानों के खाते के बजाय सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाए, जिससे बजट की जिम्मेदारी लाभार्थी की रहे।
मिहींपुरवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमृतपुर पुरैना के ग्राम प्रधान अजय कुमार, ग्राम विकास अधिकारी सोहन सिंह समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी का केस मुर्तिहा कोतवाली में दो दिन पूर्व दर्ज कराया गया है।
इससे विकासखंड के ग्राम प्रधान लामबंद हो गए। शुक्रवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचे विकासखंड के सभी ग्राम प्रधानों ने मुकदमा वापसी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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सभी ने कहा कि ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस प्रशासन विकास कार्य को अवरुद्ध कर रहा है। ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन के दूसरे दिन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जयंकर सिंह भी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रधान पर कराई गई एफआईआर अनुचित है। पहले मामले की जांच होनी चाहिये। किसी भी जनप्रतिनिधि पर सीधे थाने में प्राथमिकी दर्ज करा देना गलत है।
ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन को शनिवार को महिला ग्राम प्रधानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। प्रदर्शन के दौरान प्रधान संघ की अध्यक्ष माया देवी, पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र मोहन, अख्तर अली राम, विजय मौर्य, मिश्रीलाल मौर्य, हबीब खां, कादिर खां आदि मौजूद रहे।
अमृतपुर पुरैना गांव में लाभार्थी के आवास को गांव के ही एक अन्य अपात्र को दिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधान व सचिव पर नियमानुसार ही कार्यवाही की गई है। यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रशेखर प्रसाद, खंड विकास अधिकारी
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ब्लॉक कार्यालय में ग्राम प्रधानों का चल रहा अनिश्चितकालीन धरने को शनिवार को ब्लॉक प्रमुख ने भी समर्थन दिया। धरने में विकासखंड की महिलाएं भी पहुंची।
ग्राम प्रधानों ने एक स्वर से मांग किया कि प्रसाधन व आवास की धनराशि ग्राम प्रधानों के खाते के बजाय सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाए, जिससे बजट की जिम्मेदारी लाभार्थी की रहे।
मिहींपुरवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमृतपुर पुरैना के ग्राम प्रधान अजय कुमार, ग्राम विकास अधिकारी सोहन सिंह समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी का केस मुर्तिहा कोतवाली में दो दिन पूर्व दर्ज कराया गया है।
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इससे विकासखंड के ग्राम प्रधान लामबंद हो गए। शुक्रवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचे विकासखंड के सभी ग्राम प्रधानों ने मुकदमा वापसी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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सभी ने कहा कि ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस प्रशासन विकास कार्य को अवरुद्ध कर रहा है। ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन के दूसरे दिन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जयंकर सिंह भी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रधान पर कराई गई एफआईआर अनुचित है। पहले मामले की जांच होनी चाहिये। किसी भी जनप्रतिनिधि पर सीधे थाने में प्राथमिकी दर्ज करा देना गलत है।
ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन को शनिवार को महिला ग्राम प्रधानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। प्रदर्शन के दौरान प्रधान संघ की अध्यक्ष माया देवी, पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र मोहन, अख्तर अली राम, विजय मौर्य, मिश्रीलाल मौर्य, हबीब खां, कादिर खां आदि मौजूद रहे।
अमृतपुर पुरैना गांव में लाभार्थी के आवास को गांव के ही एक अन्य अपात्र को दिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधान व सचिव पर नियमानुसार ही कार्यवाही की गई है। यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रशेखर प्रसाद, खंड विकास अधिकारी