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नेपाली हाथियों ने रौंदी फसल, खंभे उखाड़े
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:04 AM IST
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बिछिया (बहराइच)। नेपाल के रायल वर्दिया नेशनल पार्क से आए हाथियों के झुंड ने आंबा गांव के पास जमकर उत्पात मचाया। धान व गन्नेे की फसल को रौंद दिया। बिजली और किलोमीटर मापक स्तभों को उखाड़ दिया।
दो घंटे तक हाथी उत्पात मचाते रहे। इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। वन कर्मियों ने हांका लगाया, तब हाथी जंगल की ओर गए। दो दिन के अंतराल पर हाथियों के झुंड के पुन: दस्तक देने से आंबा गांव के लोग दहशत में हैं। अब तक बचाव के कोई उपाय नहीं हो सके हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के जंगल में नेपाल के हाथियों का झुंड शुक्रवार रात में 12 बजे के आसपास ग्राम आंबा के निकट पहुंच गया। गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे।
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ग्रामीणों ने हाथियों की चिंघाड़ सुनी तो ढोल व पीपा पीटते हुए घरों से निकल आए। ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया। लेकिन हाथियों ने गांव निवासी बाबू, तीरथ, दुलारे, बदलू आदि के धान और गन्ने की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया।
इसके बाद हाथी बिछिया कतर्निया मार्ग की ओर निकले तो रास्ते में बिजली के खंभों और किलोमीटर मापक स्तंभों को भी ढहा दिया। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों के साथ ही जंगल के कर्मचारी भी परेशान रहे। भोर होने पर पर हाथियों का झुंड घने जंगल की ओर चला गया।
रेंजर पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों ने उत्पात मचाया है। ढहाए गए खंभो को दुरुस्त करवाया गया है। ग्रामीणों के खेत का मुआयना करवाकर कार्रवाई करेंगे। दो दिन में दूसरी बार हाथियों के हमले से गांव के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
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दो घंटे तक हाथी उत्पात मचाते रहे। इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। वन कर्मियों ने हांका लगाया, तब हाथी जंगल की ओर गए। दो दिन के अंतराल पर हाथियों के झुंड के पुन: दस्तक देने से आंबा गांव के लोग दहशत में हैं। अब तक बचाव के कोई उपाय नहीं हो सके हैं।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के जंगल में नेपाल के हाथियों का झुंड शुक्रवार रात में 12 बजे के आसपास ग्राम आंबा के निकट पहुंच गया। गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे।
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ग्रामीणों ने हाथियों की चिंघाड़ सुनी तो ढोल व पीपा पीटते हुए घरों से निकल आए। ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया। लेकिन हाथियों ने गांव निवासी बाबू, तीरथ, दुलारे, बदलू आदि के धान और गन्ने की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया।
इसके बाद हाथी बिछिया कतर्निया मार्ग की ओर निकले तो रास्ते में बिजली के खंभों और किलोमीटर मापक स्तंभों को भी ढहा दिया। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों के साथ ही जंगल के कर्मचारी भी परेशान रहे। भोर होने पर पर हाथियों का झुंड घने जंगल की ओर चला गया।
रेंजर पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों ने उत्पात मचाया है। ढहाए गए खंभो को दुरुस्त करवाया गया है। ग्रामीणों के खेत का मुआयना करवाकर कार्रवाई करेंगे। दो दिन में दूसरी बार हाथियों के हमले से गांव के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।