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कतर्नियाघाट का अवलोकन करने आज आएंगे 70 आईएफएस
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 12 Sep 2015 10:29 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में रविवार को देश के विभिन्न क्षेत्रों के आईएफएस का 70 सदस्यीय दल पहुंचेगा।
यह दल क्षेत्र से बहने वाली गेरुआ नदी में जल प्रबंधन और जलीय जीव संरक्षण तथा जंगल से सटे इलाकों में होने वाले मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के उपायों का अवलोकन करेगा। इसकी तैयारी वन विभाग ने पूरी कर ली है।
गेरुआ नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ के साथ डॉल्फिन का प्रवास होता है। जलीय जीवों के संरक्षण के लिए गेरुआ नदी का पानी काफी मुफीद माना जाता है।
नदी के जल प्रबंधन का अवलोकन करने के लिए रविवार को आईएफएस का 70 सदस्यीय दल रविवार सुबह कतर्नियाघाट पहुंचेगा।
डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि इस दल में दुधवा नेशनल पार्क के अलावा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बरेली डिवीजन समेत सभी वन क्षेत्रों के आईएफएस अधिकारी शामिल रहेंगे।
अधिकारियों का यह दल गेरुआ नदी के तट पर जल प्रबंधन और जलीय जीवों के प्रवास की स्थिति जांचेगा। इसके बाद इको टूरिज्म सिस्टम का अवलोकन करेगा।
आईएफएस अधिकारी रमपुरवा मटेही पहुंचकर मानव वन्यजीव संघर्ष के मामले में ग्रामीणों से बातचीत करेंगे। रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा करेगी। फिर ये दल दुधवा नेशनल पार्क रवाना हो जाएगा।
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यह दल क्षेत्र से बहने वाली गेरुआ नदी में जल प्रबंधन और जलीय जीव संरक्षण तथा जंगल से सटे इलाकों में होने वाले मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के उपायों का अवलोकन करेगा। इसकी तैयारी वन विभाग ने पूरी कर ली है।
गेरुआ नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ के साथ डॉल्फिन का प्रवास होता है। जलीय जीवों के संरक्षण के लिए गेरुआ नदी का पानी काफी मुफीद माना जाता है।
नदी के जल प्रबंधन का अवलोकन करने के लिए रविवार को आईएफएस का 70 सदस्यीय दल रविवार सुबह कतर्नियाघाट पहुंचेगा।
डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि इस दल में दुधवा नेशनल पार्क के अलावा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बरेली डिवीजन समेत सभी वन क्षेत्रों के आईएफएस अधिकारी शामिल रहेंगे।
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अधिकारियों का यह दल गेरुआ नदी के तट पर जल प्रबंधन और जलीय जीवों के प्रवास की स्थिति जांचेगा। इसके बाद इको टूरिज्म सिस्टम का अवलोकन करेगा।
आईएफएस अधिकारी रमपुरवा मटेही पहुंचकर मानव वन्यजीव संघर्ष के मामले में ग्रामीणों से बातचीत करेंगे। रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा करेगी। फिर ये दल दुधवा नेशनल पार्क रवाना हो जाएगा।
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