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55 बीघा खेत नदी में समाए
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महसी के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। नदी के किनारे बसे गांवों में कटान होने से मंगलवार को करीब 55 बीघा जमीन नदी में समाहित हो गई। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। मगर प्रशासन की ओर से राहत व बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर घटने के कारण महसी और कैसरगंज क्षेत्र में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। घाघरा की धारा में खेत समाहित हो रहे हैं और किसान बेबस नजरों से उनको देखा करते हैं। प्रशासन की ओर से भी बचाव व राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लहलहाती फसलों के नदी की धारा में समाहित होने के कारण लोगों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है।
कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली ग्राम पंचायत भिरगूपुरवा व ग्यारह सौ रेती में घाघरा नदी तेजी के साथ कटान कर रही है। मंगलवार को गांव निवासी अशोक निषाद, राजा, पवन, राजितराम, नंदकिशोर आदि की करीब 55 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में कटकर समा गई।
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वहीं महसी के घूरदेवी पर घाघरा का जलस्तर नदी के खतरे के निशान से सवा मीटर नीचे दर्ज हुआ है। महसी के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। कोढ़वा, पिपरी समेत अन्य गांवों के नान्हूंराम, बृजेश, रामू, छोटेलाल आदि के आशियाने कटने की कगार पर हैं। तहसीलदार राजेश वर्मा का कहना है कि बाढ़ व कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
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घाघरा नदी का जलस्तर घटने के कारण महसी और कैसरगंज क्षेत्र में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। घाघरा की धारा में खेत समाहित हो रहे हैं और किसान बेबस नजरों से उनको देखा करते हैं। प्रशासन की ओर से भी बचाव व राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लहलहाती फसलों के नदी की धारा में समाहित होने के कारण लोगों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है।
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कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली ग्राम पंचायत भिरगूपुरवा व ग्यारह सौ रेती में घाघरा नदी तेजी के साथ कटान कर रही है। मंगलवार को गांव निवासी अशोक निषाद, राजा, पवन, राजितराम, नंदकिशोर आदि की करीब 55 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में कटकर समा गई।
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वहीं महसी के घूरदेवी पर घाघरा का जलस्तर नदी के खतरे के निशान से सवा मीटर नीचे दर्ज हुआ है। महसी के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। कोढ़वा, पिपरी समेत अन्य गांवों के नान्हूंराम, बृजेश, रामू, छोटेलाल आदि के आशियाने कटने की कगार पर हैं। तहसीलदार राजेश वर्मा का कहना है कि बाढ़ व कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।