फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   55 bigha farm in the river

55 बीघा खेत नदी में समाए

Tue, 20 Aug 2019 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:06 PM IST
विज्ञापन
55 bigha farm in the river
महसी के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी। - फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। नदी के किनारे बसे गांवों में कटान होने से मंगलवार को करीब 55 बीघा जमीन नदी में समाहित हो गई। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। मगर प्रशासन की ओर से राहत व बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन

घाघरा नदी का जलस्तर घटने के कारण महसी और कैसरगंज क्षेत्र में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। घाघरा की धारा में खेत समाहित हो रहे हैं और किसान बेबस नजरों से उनको देखा करते हैं। प्रशासन की ओर से भी बचाव व राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लहलहाती फसलों के नदी की धारा में समाहित होने के कारण लोगों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है।
विज्ञापन

कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली ग्राम पंचायत भिरगूपुरवा व ग्यारह सौ रेती में घाघरा नदी तेजी के साथ कटान कर रही है। मंगलवार को गांव निवासी अशोक निषाद, राजा, पवन, राजितराम, नंदकिशोर आदि की करीब 55 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में कटकर समा गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं महसी के घूरदेवी पर घाघरा का जलस्तर नदी के खतरे के निशान से सवा मीटर नीचे दर्ज हुआ है। महसी के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। कोढ़वा, पिपरी समेत अन्य गांवों के नान्हूंराम, बृजेश, रामू, छोटेलाल आदि के आशियाने कटने की कगार पर हैं। तहसीलदार राजेश वर्मा का कहना है कि बाढ़ व कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed