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Bahraich News: फिर उफनाई सरयू, 40 गांवों पर मंडराया खतरा
Sun, 13 Aug 2023 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:12 PM IST
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शिवपुर क्षेत्र में सरयू की उफान के बाद आबादी की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी। -संवाद
बैराजों से छोड़ा गया 3.13 लाख क्यूसेक पानी, सरयू में उफान
तीन तहसीलों के 40 गांवों पर दूसरी बार मंडराया बाढ़ का खतरा
एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों से पांचवें दिन बाढ़ का पानी निकल गया था। लेकिन रविवार को बैराजों से 3.13 लाख से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी उफना गई है। बाढ़ का पानी गांवों की तरफ फिर बढ़ने लगा है। इससे तीन तहसीलों के 40 गांवों पर फिर बाढ़ का संकट फिर खड़ा हो गया है। वहीं जरवलरोड स्थित एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही है।
जिले के तहसील महसी, नानपारा व मोतीपुर क्षेत्र के लगभग चार दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में थे। पांचवें दिन इन गांवों व संपर्क मार्गों से बाढ़ का पानी खत्म हुआ था। लेकिन रविवार को सुबह शारदा, गिरिजा व गोपिया बैराज से 313407 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रविवार की शाम सरयू नदी उफना गई है। जिससे 40 गांवों पर दूसरी बार बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। सोमवार तक गांवों में दूसरी बार बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी बार बाढ़ आने से दुश्वारियां और बढ़ जाएंगी। दूसरी तरफ एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही है। एल्गिन ब्रिज पर रविवार को जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.036 मीटर मापा गया।
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सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे ग्रामीण
बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की तलाश करना शुरू कर दिया है। गांव की तरफ पानी बढ़ते ही ग्रामीण पलायन करना शुरू कर देंगे। वहीं ग्राम पंचायत पसियनपुरवा के कटान पीड़ितों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। बेघर होने के बाद वे खेतों में अपने आशियाने बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया त्रिपाल नाकाफी है। छोटे से त्रिपाल के अंदर पूरा गृहस्थी का सामान तथा परिवार का गुजारा करने में दिक्कत हो रही है।
जिला व तहसील स्तर पर बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम: एडीएम
बहराइच। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सागर ने बताया कि जिले की चार तहसीलों कैसरगंज, महसी, नानपारा एवं मिहींपुरवा में कोई भी गांव बाढ़ से प्रभावित नहीं है। बाढ़ से निपटने के लिए 45 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। अब तक 6230 क्लोरीन टैबलेट व 790 ओआरएस वितरित किया गया है।
पशुपालन विभाग ने पशुओं के लिए पांच क्विंटल भूसा भी वितरित किया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना व सहायता के लिए जिला व तहसील स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम चल रहे हैं। जिला स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 05252-230132 व टोल फ्री नम्बर 1077 है। जबकि तहसील कैसरगंज के बाढ़ कंट्रोल रूम का नम्बर 7348408229, तहसील महसी का 9453103200, तहसील नानपारा का 8005231505 व तहसील मिहींपुरवा का 8009225384 है।
इनसेट
बाढ़ से फिर जलमग्न होंगे ये गांव
खैरीघाट (बहराइच)। सरयू नदी उफनाने से जिले के 40 गांवों में बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। शिवपुर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अंबरपुर, लौकिहा, तिगड़ा ,बल्दू पुरवा, मांझा दरिया बुर्द, बेलामकन, पाठक पुरवा, एकघरा, बाजपुरवा, चौकसाहार, चीरपुर, ढकिया, गैल, जोधीपुरवा, पंडित पुरवा, पिपरिया, सैय्यद नगर, गुजराती पुरवा, डल्ला पुरवा बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। वहीं विकास खंड महसी के केवलपुर, बकैना, धनावा, रामसहाय पुरवा, बांसगढ़ी, बहदुरिया, गरेठी गुरुदत्त सिंह, पचदेवरी, मैकूपुरवा, अंगरौरा दुबहा, कोटिया, पूरेहिन्दू सिंह, महसी टेपरा, पूरे दिलदार सिंह, पूरे बस्ती गड़रिया, पूरे सीताराम, पूरे प्रसाद सिंह, औराही, जगीर आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है।
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तीन तहसीलों के 40 गांवों पर दूसरी बार मंडराया बाढ़ का खतरा
एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों से पांचवें दिन बाढ़ का पानी निकल गया था। लेकिन रविवार को बैराजों से 3.13 लाख से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी उफना गई है। बाढ़ का पानी गांवों की तरफ फिर बढ़ने लगा है। इससे तीन तहसीलों के 40 गांवों पर फिर बाढ़ का संकट फिर खड़ा हो गया है। वहीं जरवलरोड स्थित एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही है।
जिले के तहसील महसी, नानपारा व मोतीपुर क्षेत्र के लगभग चार दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में थे। पांचवें दिन इन गांवों व संपर्क मार्गों से बाढ़ का पानी खत्म हुआ था। लेकिन रविवार को सुबह शारदा, गिरिजा व गोपिया बैराज से 313407 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रविवार की शाम सरयू नदी उफना गई है। जिससे 40 गांवों पर दूसरी बार बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। सोमवार तक गांवों में दूसरी बार बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी बार बाढ़ आने से दुश्वारियां और बढ़ जाएंगी। दूसरी तरफ एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बह रही है। एल्गिन ब्रिज पर रविवार को जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.036 मीटर मापा गया।
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सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे ग्रामीण
बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की तलाश करना शुरू कर दिया है। गांव की तरफ पानी बढ़ते ही ग्रामीण पलायन करना शुरू कर देंगे। वहीं ग्राम पंचायत पसियनपुरवा के कटान पीड़ितों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। बेघर होने के बाद वे खेतों में अपने आशियाने बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया त्रिपाल नाकाफी है। छोटे से त्रिपाल के अंदर पूरा गृहस्थी का सामान तथा परिवार का गुजारा करने में दिक्कत हो रही है।
जिला व तहसील स्तर पर बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम: एडीएम
बहराइच। अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सागर ने बताया कि जिले की चार तहसीलों कैसरगंज, महसी, नानपारा एवं मिहींपुरवा में कोई भी गांव बाढ़ से प्रभावित नहीं है। बाढ़ से निपटने के लिए 45 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। अब तक 6230 क्लोरीन टैबलेट व 790 ओआरएस वितरित किया गया है।
पशुपालन विभाग ने पशुओं के लिए पांच क्विंटल भूसा भी वितरित किया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना व सहायता के लिए जिला व तहसील स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम चल रहे हैं। जिला स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 05252-230132 व टोल फ्री नम्बर 1077 है। जबकि तहसील कैसरगंज के बाढ़ कंट्रोल रूम का नम्बर 7348408229, तहसील महसी का 9453103200, तहसील नानपारा का 8005231505 व तहसील मिहींपुरवा का 8009225384 है।
इनसेट
बाढ़ से फिर जलमग्न होंगे ये गांव
खैरीघाट (बहराइच)। सरयू नदी उफनाने से जिले के 40 गांवों में बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। शिवपुर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अंबरपुर, लौकिहा, तिगड़ा ,बल्दू पुरवा, मांझा दरिया बुर्द, बेलामकन, पाठक पुरवा, एकघरा, बाजपुरवा, चौकसाहार, चीरपुर, ढकिया, गैल, जोधीपुरवा, पंडित पुरवा, पिपरिया, सैय्यद नगर, गुजराती पुरवा, डल्ला पुरवा बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। वहीं विकास खंड महसी के केवलपुर, बकैना, धनावा, रामसहाय पुरवा, बांसगढ़ी, बहदुरिया, गरेठी गुरुदत्त सिंह, पचदेवरी, मैकूपुरवा, अंगरौरा दुबहा, कोटिया, पूरेहिन्दू सिंह, महसी टेपरा, पूरे दिलदार सिंह, पूरे बस्ती गड़रिया, पूरे सीताराम, पूरे प्रसाद सिंह, औराही, जगीर आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है।