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टिकुरी में नदी में समाए 22 बीघा खेत
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जरवल विकास खंड के तपेसिपाह में कटान करती घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
महसी/जरवल (बहराइच)। घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। टिकुरी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की 22 बीघा खेती योग्य जमीन कटकर नदी में समा गई। वहीं, चमरही गांव के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, जरवल के तपेसिपाह में नदी ने कटान शुरू कर दी है। कटान को देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से परक्यूपाइन लगाया जा रहा है, लेकिन गति काफी धीमी होने से कटान में नुकसान हो सकता है।
महसी में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे चल रहा है। बुधवार को तहसील क्षेत्र के टिकुरी गांव में तीन ग्रामीणों की 22 बीघा जमीन कटकर नदी में समाहित हो गई। वहीं कटान को देखते हुए लालापुरवा गांव के निकट बसे चमरही गांव पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। यहां पर लगभग 132 परिवार रह रहे हैं। यह सभी लोग अपनी गृहस्थी बटोरने लगे हैं।
कटान पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए तहसीलदार महसी राजेश वर्मा ने राजस्वकर्मियों को निर्देशित किया है। साथ ही ग्राम प्रधान को संपर्क मार्ग ठीक कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे कटान पीड़ित अपना गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें। घाघरा का जलस्तर घटकर 111.3 सेंटीमीटर पहुंच गया है। खतरे के निशान से नदी 40 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, कैसरगंज तहसील के जरवल विकास खंड अंतर्गत तपेसिपाह ग्राम पंचायत के धोबिनपुरवा में नदी खेती योग्य जमीन को काट रही है। कटान की सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारी परक्यूपाइन का निर्माण करवा रहे हैं। इसमें पेड़ भी काटकर डाले जा रहे हैं, लेकिन परक्यूपाइन निर्माण कार्य काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ने या घटने पर कटान की स्थिति बढ़ सकती है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।
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तेजी से चल रहा है काम
बेलहा-बेहरौली तटबंध पर परक्यूपाइन का निर्माण चल रहा है। तेजी से काम किया जा रहा है। अभी बाढ़ के हालात नहीं हैं। माह के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद कटान पूरी तरह से रुक जाएगी।
- शोभित कुशवाहा, एक्सईएन, सरयू ड्रेनेज खंड, बहराइच
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महसी में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे चल रहा है। बुधवार को तहसील क्षेत्र के टिकुरी गांव में तीन ग्रामीणों की 22 बीघा जमीन कटकर नदी में समाहित हो गई। वहीं कटान को देखते हुए लालापुरवा गांव के निकट बसे चमरही गांव पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। यहां पर लगभग 132 परिवार रह रहे हैं। यह सभी लोग अपनी गृहस्थी बटोरने लगे हैं।
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कटान पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए तहसीलदार महसी राजेश वर्मा ने राजस्वकर्मियों को निर्देशित किया है। साथ ही ग्राम प्रधान को संपर्क मार्ग ठीक कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे कटान पीड़ित अपना गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें। घाघरा का जलस्तर घटकर 111.3 सेंटीमीटर पहुंच गया है। खतरे के निशान से नदी 40 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, कैसरगंज तहसील के जरवल विकास खंड अंतर्गत तपेसिपाह ग्राम पंचायत के धोबिनपुरवा में नदी खेती योग्य जमीन को काट रही है। कटान की सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारी परक्यूपाइन का निर्माण करवा रहे हैं। इसमें पेड़ भी काटकर डाले जा रहे हैं, लेकिन परक्यूपाइन निर्माण कार्य काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ने या घटने पर कटान की स्थिति बढ़ सकती है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।
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तेजी से चल रहा है काम
बेलहा-बेहरौली तटबंध पर परक्यूपाइन का निर्माण चल रहा है। तेजी से काम किया जा रहा है। अभी बाढ़ के हालात नहीं हैं। माह के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद कटान पूरी तरह से रुक जाएगी।
- शोभित कुशवाहा, एक्सईएन, सरयू ड्रेनेज खंड, बहराइच