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वन दरोगा समेत पांच के खिलाफ डकैती का केस दर्ज
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बहराइच। कतर्नियाघाट रेंज परिक्षेत्र में एक फार्म मैनेजर और उसके सहयोगियों को बंधक बनाकर लूटने के मामले में वन दरोगा, वाचर और सह चालक समेत पांच लोगों के खिलाफ सुजौली थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई हुई है। कोतवाली देहात अंतर्गत यदवापुर गांव निवासी बालकराम ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि वह कतर्नियाघाट सेंक्चुरी अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र स्थित भवानीपुर गांव में मनीष बाबा के फार्म हाउस पर प्रबंधन का कार्य देखता है।
बालकराम के मुताबिक उसके सहयोग के रूप में शिवकुमार रहता है। बीते 15 मार्च को रात में कतर्नियाघाट रेंज के वन दरोगा अनिल कुमार सह चालक जमुना प्रसाद, वाचर सकटूराम के साथ फार्म हाउस पर पहुंचे।
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जरूरी काम होने की बात कहकर रेंज कार्यालय पर बुला ले गए। वहां पर तीन दिन तक बंधक बनाकर मारापीटा। बालकराम के मुताबिक उसके पास मौजूद 42 हजार रुपये नकदी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य महत्वपूर्ण कागजात छीन लिए।
इसके बाद फर्जी तरीके से जंगल में प्रवेश करने के मामले में रेंज केस दर्ज कर जेल भेज दिया। बालकराम ने बताया कि जेल से जमानत मिलने पर क्षेत्रनिवासी हीरालाल यादव व दुलारे यादव ने रेंज कार्यालय चलने पर पैसा व कागजात दिलाने की बात कही।
उन दोनों के साथ रेंज कार्यालय पहुंचने पर वन दरोगा व उनके सहयोगियों ने अपशब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की। पुन: रेंज केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इस पर बालकराम ने घटनाक्रम का हवाला देते हुए सुजौली थाने में तहरीर दी, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पुलिस द्वारा अनसुनी करने पर पीड़ित ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र दिया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है। उसी के तहत सुजौली पुलिस ने वन दरोगा अनिल कुमार, वाहन चालक जमुना प्रसाद, वाचर सकटूराम, वनकर्मियों के सहयोगी हीरालाल और दुलारे के खिलाफ डकैती व बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई हुई है। कोतवाली देहात अंतर्गत यदवापुर गांव निवासी बालकराम ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि वह कतर्नियाघाट सेंक्चुरी अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र स्थित भवानीपुर गांव में मनीष बाबा के फार्म हाउस पर प्रबंधन का कार्य देखता है।
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बालकराम के मुताबिक उसके सहयोग के रूप में शिवकुमार रहता है। बीते 15 मार्च को रात में कतर्नियाघाट रेंज के वन दरोगा अनिल कुमार सह चालक जमुना प्रसाद, वाचर सकटूराम के साथ फार्म हाउस पर पहुंचे।
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जरूरी काम होने की बात कहकर रेंज कार्यालय पर बुला ले गए। वहां पर तीन दिन तक बंधक बनाकर मारापीटा। बालकराम के मुताबिक उसके पास मौजूद 42 हजार रुपये नकदी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य महत्वपूर्ण कागजात छीन लिए।
इसके बाद फर्जी तरीके से जंगल में प्रवेश करने के मामले में रेंज केस दर्ज कर जेल भेज दिया। बालकराम ने बताया कि जेल से जमानत मिलने पर क्षेत्रनिवासी हीरालाल यादव व दुलारे यादव ने रेंज कार्यालय चलने पर पैसा व कागजात दिलाने की बात कही।
उन दोनों के साथ रेंज कार्यालय पहुंचने पर वन दरोगा व उनके सहयोगियों ने अपशब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की। पुन: रेंज केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इस पर बालकराम ने घटनाक्रम का हवाला देते हुए सुजौली थाने में तहरीर दी, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पुलिस द्वारा अनसुनी करने पर पीड़ित ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र दिया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है। उसी के तहत सुजौली पुलिस ने वन दरोगा अनिल कुमार, वाहन चालक जमुना प्रसाद, वाचर सकटूराम, वनकर्मियों के सहयोगी हीरालाल और दुलारे के खिलाफ डकैती व बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।