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मानकों की अनदेखी कर चल रहे 21 नर्सिंगहोम
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बहराइच। नानपारा कस्बे में मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक निजी क्लीनिक को सील किया गया है। इसी तरह से जनपद में पंजीकृत कई नर्सिंगहोम मानकों की अनदेखी कर धड़ल्ले से चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में अधिक संख्या में मानकों की अनदेखी करते हुए चौक-चौराहों पर क्लीनिक और नर्सिंगहोम खोले गए हैं।
स्वास्थ्य महकमे की ओर से जनपद में अभी तक करीब 21 नर्सिंगहोम अवैध तरीके से संचालित होने की पुष्टि हो चुकी है। इसमें चार नर्सिंगहोम पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील भी किया जा चुका है। वहीं, मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे अन्य नर्सिंगहोम संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया जा चुका है।
बहराइच जनपद के शहरी व ग्रामीण इलाकों में काफी संख्या में नर्सिंगहोम, पैथॉलाजी और क्लीनिक का संचालन हो रहा है। यहां मरीजों को इलाज के नाम पर चिकित्सक व संचालक अपने यहां भर्ती कर लेते हैं, जिसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है।
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मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे नर्सिंगहोम मरीजों के साथ ही मासूमों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों पर नजर डालें तो बहराइच जनपद में अभी तक 65 नर्सिंगहोम का पंजीकरण किया गया है। वहीं विभिन्न चिकित्सकों की ओर से 31 क्लीनिक का भी पंजीकरण कराया गया है।
मरीजों की विभिन्न तरीकों की जांच के लिए स्वास्थ्य महकमे के पास 41 पैथालॉजी का भी पंजीकरण है। नर्सिंगहोम में आए दिन मरीजों की मौत के बाद हंगामे के हालात हो जाते हैं, जिसके बाद ही प्रशासन को कार्रवाई की सुध आती है। नानपारा में शुक्रवार को एसडीएम की अगुवाई में टीम ने छापा मारा, जिसमें बिना किसी चिकित्सक व फार्मासिस्ट की मौजूदगी के करीब आठ मासूमों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
इसके बाद नर्सिंगहोम संचालन पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य महकमे की ओर से चेकिंग की कार्रवाई करते हुए अभी तक मानकों के विपरीत चल रहे 21 नर्सिंगहोम को चिन्हित किया जा चुका है। करीब चार नर्सिंगहोम को जांच के बाद सील भी किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने कहा कि जिले के साथ नगर क्षेत्र में अवैध नर्सिंगहोम संचालन की सूची बनवाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में मानकों की अनदेखी कर 21 नर्सिंगहोम संचालित हो रहे हैं। यहां टीम बनाकर छापा मारा जाएगा। जो नाम बदलकर अस्पताल का संचालन करवा रहे हैं। उनकी भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के बाद बदल देते नाम
जिले में नर्सिंगहोम पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करते हुए सील कर देती है। लेकिन संचालक नया नाम और नए क्लेवर में अस्पताल का संचालन पुन: शुरू कर देते हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
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स्वास्थ्य महकमे की ओर से जनपद में अभी तक करीब 21 नर्सिंगहोम अवैध तरीके से संचालित होने की पुष्टि हो चुकी है। इसमें चार नर्सिंगहोम पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील भी किया जा चुका है। वहीं, मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे अन्य नर्सिंगहोम संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया जा चुका है।
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बहराइच जनपद के शहरी व ग्रामीण इलाकों में काफी संख्या में नर्सिंगहोम, पैथॉलाजी और क्लीनिक का संचालन हो रहा है। यहां मरीजों को इलाज के नाम पर चिकित्सक व संचालक अपने यहां भर्ती कर लेते हैं, जिसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है।
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मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे नर्सिंगहोम मरीजों के साथ ही मासूमों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों पर नजर डालें तो बहराइच जनपद में अभी तक 65 नर्सिंगहोम का पंजीकरण किया गया है। वहीं विभिन्न चिकित्सकों की ओर से 31 क्लीनिक का भी पंजीकरण कराया गया है।
मरीजों की विभिन्न तरीकों की जांच के लिए स्वास्थ्य महकमे के पास 41 पैथालॉजी का भी पंजीकरण है। नर्सिंगहोम में आए दिन मरीजों की मौत के बाद हंगामे के हालात हो जाते हैं, जिसके बाद ही प्रशासन को कार्रवाई की सुध आती है। नानपारा में शुक्रवार को एसडीएम की अगुवाई में टीम ने छापा मारा, जिसमें बिना किसी चिकित्सक व फार्मासिस्ट की मौजूदगी के करीब आठ मासूमों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
इसके बाद नर्सिंगहोम संचालन पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य महकमे की ओर से चेकिंग की कार्रवाई करते हुए अभी तक मानकों के विपरीत चल रहे 21 नर्सिंगहोम को चिन्हित किया जा चुका है। करीब चार नर्सिंगहोम को जांच के बाद सील भी किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने कहा कि जिले के साथ नगर क्षेत्र में अवैध नर्सिंगहोम संचालन की सूची बनवाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में मानकों की अनदेखी कर 21 नर्सिंगहोम संचालित हो रहे हैं। यहां टीम बनाकर छापा मारा जाएगा। जो नाम बदलकर अस्पताल का संचालन करवा रहे हैं। उनकी भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के बाद बदल देते नाम
जिले में नर्सिंगहोम पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करते हुए सील कर देती है। लेकिन संचालक नया नाम और नए क्लेवर में अस्पताल का संचालन पुन: शुरू कर देते हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।