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20 घंटे बाद नदी में मिला ग्रामीण का शव
Mon, 20 May 2019 10:58 PM IST
Praveen Singh
Amarujala Bureau/Bahraich
Amarujala Bureau/Bahraich
Published by: Praveen Singh
Updated Mon, 20 May 2019 10:58 PM IST
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वनग्राम भवानीपुर निवासी एक अधेड़ को रविवार को सुबह मगरमच्छ नदी में खींच ले गया था। सोमवार को सुबह 20 घंटे बाद उसका शव नदी के दूसरे किनारे पर क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। शव मिलते ही परिवारीजन बिलख पड़े।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत वनग्राम भवानीपुर गेरुआ नदी के तट पर बसा हुआ है। रविवार को सुबह गांव निवासी प्यारेलाल यादव (55) नित्यक्रिया के लिए नदी के तट पर गया था। तभी नदी के किनारे से मगरमच्छ प्यारेलाल को नदी में खींच ले गया था। घटना के बाद से पुलिस और वन विभाग की टीम शव की तलाश में जुटी थी।
सोमवार सुबह करीब छह बजे अधेड़ का शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर नदी के दूसरे किनारे पर मिला। सुजौली थाने के प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मानंद सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में भी मगरमच्छ के हमले की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीणों को संवेदनशील परिक्षेत्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत वनग्राम भवानीपुर गेरुआ नदी के तट पर बसा हुआ है। रविवार को सुबह गांव निवासी प्यारेलाल यादव (55) नित्यक्रिया के लिए नदी के तट पर गया था। तभी नदी के किनारे से मगरमच्छ प्यारेलाल को नदी में खींच ले गया था। घटना के बाद से पुलिस और वन विभाग की टीम शव की तलाश में जुटी थी।
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सोमवार सुबह करीब छह बजे अधेड़ का शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर नदी के दूसरे किनारे पर मिला। सुजौली थाने के प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मानंद सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में भी मगरमच्छ के हमले की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीणों को संवेदनशील परिक्षेत्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
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